आयरन लेडीः-स्पेशल मदर, व्हील चेयर पर पैरा एथलीट को लेकर यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो-2023 में पहुंची

 व्हील चेयर पर पैरा एथलीट को लेकर यूपी इंटरनेशल टेड शो-2023 में पहुंची
व्हील चेयर पर पैरा एथलीट को लेकर यूपी इंटरनेशल टेड शो-2023 में पहुंची

परिवार के लोगों ने बोझ मानते हुए क्षतिज शांडिल्य को न केवल त्याग दिया, बल्कि रेलवे लाइन पर मरने तक के लिए छोड दिया

मौहम्मद इल्यास–दनकौरी/ग्रेटर नोएडा

एक स्पेशल मदर को इस दौर में जरूर आयरन लेडी ही कहा जाना चाहिए। पैरा एथलीट की यह मदर ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मॉर्ट एंड सेंटर में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2023 सैर कराने के लिए व्हील चेयर पर लेकर पहुंची।  नेशनल लेवल पर गोला फैंक गोल्ड मेडल हासिल करने वाला यह पैरा एथलीट जन्म से ही विकलांग है। मां के अलावा कोई सहारा न होने की वजह से इंटरनेशल कंपटीशन के लिए विदेश नही जा पाया मगर भी दर्जनों अवार्ड हासिल किए हैं। यहां तक इस सफर पैरा एथलीट की मां नीलम झा पूरा साथ देती चली आ रही हैं। आयरन लेडी और रियल मदर नीलम झा की बात करें तो वे एमएससी मैथ और बीएड तथा टीचिंग में स्पेशल कोर्स भी किया है। फिलहाल नीलम झा माता भगवती चड्ढा निकेतन एनजीओ के स्कूल में बच्चों को पढाती हैं। नोएडा के सेक्टर 132 में यह स्पेशल स्कूल है जिसमें दिव्यांग बच्चों को पढाया जाता है। पैरा एथलीट क्षितिज शांडिल्य भी इसी स्कूल में पढता हैं। पैरा एथलीट क्षतिज शांडिल्य और मदर नीलम झा की यह बडी मर्मस्पशी कहानी है, आइए पेश करते हैं।

पैरा एथलीट क्षतिज शांडिल्य और मदर नीलम झा की यह बडी मर्मस्पशी कहानी
पैरा एथलीट क्षतिज शांडिल्य और मदर नीलम झा की यह बडी मर्मस्पशी कहानी

सनातन शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य की उत्पत्ति के समय नर और नारी को पितामाह ब्रहमा ने 6 प्रकार से अलंकृत किया। इनमें नारी को ममता, करूणा और दया से अलंकृत किया, जब कि नर को पालन, पोषण और परिश्रम से अलंकृत किया। यही कारण है कि आज भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए ग्रहस्थ जीवन इन्ही झंझावतों से गुजरते हुए पूरा हो जाता हैं। पैरा एथलीट की मां नीलम झा की इस कहानी को सुन कर ऐसा ही लगा कि वे वाकई मदर ही बल्कि फादर यानी डबल किरदार निभाती चली आ रही है। नीलम झा का क्षतिज शांडिल्य इकलौता बेटा है। जन्म से ही वह विकलांग है। बताया गया कि  ऑपरेशन में कुछ देरी हूई, पेट में ऑक्सीजन की कमी की वजह से यह प्रोब्लम क्रेएट हुई। उधर परिवार के लोगों ने बोझ मानते हुए क्षतिज शांडिल्य को न केवल त्याग दिया, बल्कि रेलवे लाइन पर मरने तक के लिए छोड दिया। मां की ममता ने झट से उसे बचाया और पालन पोषण में जुट गईं। आखिर इस निर्दयी परिवार ने घर की बहू नीलम झा को भी कोई सहारा नही दिया। आखिर दर दर भटकते हुए मां नीलम झा पाला और पढाया और यह पैरा एथलीट बन कर देश का नाम तो जरूर रोशन कर रहा है।

आयरन लेडी व रियल मदर नीलम झा
आयरन लेडी व रियल मदर नीलम झा

आइए सुनते हुए आयरन लेडी व रियल मदर नीलम झा की जुबानीः-

मैं एक स्पेशल बेटे की सिंगल मदर हूं
मैं एक स्पेशल बेटे की सिंगल मदर हूं

मेरा नाम नीलम झा है। मैं एक स्पेशल एजुकेटर हूं। मैं नोएडा 137 में रहती हूं। मैं एक स्पेशल बेटे की सिंगल मदर हूं। मेरा बेटा जन्म से ही सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित हैए इसलिए वो चल नही सकता है और  पूर्णत व्हीलचेयर पर है। मेरा बेटा चल नही सकता है, इसलिए उसके पिता ने हमें घर से निकाल दिया है, उनका मानना है कि ये बच्चा कुछ नही कर सकता है लेकिन मैं यह नहीं मानती हूं। मैं अपने बेटे को अकेले ही पाल रही हूं। मैं ऐसे बच्चो को पढ़ना लिखना सिखाती हूं और उनको  समाज में पहचान बनाने में सहायता करती हूं। मैं उनकी कमियों को नही देखती हूं मैं सिर्फ उनको खूबियों को देख कर उन्हे ही आगे ले जाती हूं। मैं ये मानती हूं कि ये बच्चे भी समाज के अहम हिस्सा है। मेरा बेटा पैरा एथलीट है और वो नेशनल लेवल में गोल्ड मेडल जीता है। वो 2018 से लगातार हर साल नेशनल लेबल पर गोल्ड मेडल जीतता रहा है और उसे यहां तक मैं अकेले ही लेकर आई हूं। उसका इंटरनेशनल में भी सिलेक्शन हुआ था लेकिन पैसों की कमी के कारण मैं उसे भेज नही पाई मैं। मैं  लास्ट 20 साल से  स्पेशल बच्चों को आगे बढ़ने में सहायता कर रही हूं। मेरे  पढ़ाए बच्चे आज अच्छी जगह काम करते हैं और समाज में इज्जत से जी रहे हैं। मैं आगे भी इन बच्चों को पढ़ाती रहूंगी और अपना पूरा जीवन इसी में बिताने का प्लान है।

उसका इंटरनेशनल में भी सिलेक्शन हुआ था लेकिन पैसों की कमी के कारण मैं उसे भेज नही पाई
उसका इंटरनेशनल में भी सिलेक्शन हुआ था लेकिन पैसों की कमी के कारण मैं उसे भेज नही पाई

क्षितिज शांडिल्य ने भाग लेकर प्राइज जीते

1-क्षितिज शांडिल्य ने 18 मई को प्रगति मैदान में आयोजित International MUSEUM Expo 2023 में भाग लेकर सर्टिफिकेट जीता है।

2-क्षितिज शांडिल्य ने 27 मई को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित SANYUKTA BHARTIYA KHEL FOUNDATION  के 8th नेशनल गेम में भाग लेकर 2 गोल्ड मेडल जीता है।

3- क्षितिज शांडिल्य को 4 जून को  जिला मंत्री भाजपा नोएडा महानगर चमन अवाना ने ENVIRONMENT DAY RUN   का फिनिशर मेडल प्रदान किया है।

4-क्षितिज शांडिल्य ने 16 जून को Asia’s Largest  Health Sports and Fitness expo. में भाग लेकर प्राइज जीता है।

5-क्षितिज शांडिल्य ने 2 जुलाई को आगरा विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश सरकार तथा WORLD DESIGNING FORUM द्वारा आयोजित YOUTH FEST & TALENT HUNT  में भाग लेकर सर्टिफिकेट जीता है।

6-क्षितिज शांडिल्य को 7 जुलाई को The United Service Institution Delhi  मे AHP HOSPITALITY EXCELLENCE Award 2023 प्रदान किया गया है।

7-क्षितिज शांडिल्य को 22 जुलाई को  महाराष्ट्र सदन न्यू दिल्ली में भारत सरकार में जनजातीय केंद्र मंत्री विश्वेश्वर टुडू,  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  श्याम जाजू एवम अनेक गणमान्य लोगों ने दिव्य शक्ति सम्मान 2023 प्रदान किया है।

क्षितिज शांडिल्य ने भाग लेकर प्राइज जीते 
क्षितिज शांडिल्य ने भाग लेकर प्राइज जीते

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Kshitij shandilya
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Name- Kshitij shandilya

City- New Delhi

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Sport-para athletes ( club throw shot put)

Achievement–14 &15National para athletic championship for cerebral palsy 2018,2019 Patna Bihar won 6 Gold madle

National cerebral palsy Game 2018 Nadiad Gujarat  won 2 Gold madle

16th National para athletics championship for cerebral palsy 2020 Raipur chattisgarh. Won 3 Gold madle

Date of birth-10/06/2002

Disability type- Cerebral palsy by birth wheelchair user

Disability percentage-85%

Education-10th pass

Doing job/business/none -none

 

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