गौतमबुद्धनगर लोकसभा चुनाव 2024ः-बसपा के नए पैतरे से चुनावी समीकरण बदलने तय

चुनाव बेहद रोचकः
चुनाव बेहद रोचकः

जातियता पर टिक जाने से चुनाव बेहद रोचकः-ठाकुर बिरादरी के वोट बैंक में सैंध लगेगी और इस बिखराव से सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा का ही होगा

गौतमबुद्धनगर लोकसभा
गौतमबुद्धनगर लोकसभा

अब देखना है कि मोदी, योगी के नाम पर भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा किस तरह से ठाकुर बिरादरी वोट को बचा पाते हैं? वहीं दूसरी ओर बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूदने वाले पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोंलकी बिरादरी के वोट बैंक पर किस तरह कब्जा जमा पाते हैं, यह सब भविष्य के गर्भ में ही छिपा हुआ है

मौहम्मद इल्यास-’’दनकौरी’’/गौतमबुद्धनगर

गौतमबुद्धनगर में लोकसभा का चुनाव दूसरे चरण यानी 26 अप्रैल-2024 को होना तय है। भाजपा फिर सपा और अब बसपा द्वारा पत्ते खोल दिए जाने से चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। गौतमबुद्धनगर में अभी तक चुनाव गुर्जर और फिर ठाकुर बिरादरी पर ही ज्यादातर निर्णायक माना जाता रहा है। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि यहां गुर्जर बिरादरी, ब्राहमण बिरादरी, ठाकुर बिरादरी से अलग अलग प्रत्याशी चुनाव मैदान में कूद रहे है। ब्राहमण बिरादरी से भाजपा ने पुराने चेहरे सांसद डा0 महेश शर्मा पर दाव लगाया है। सपा ने गुर्जर बिरादरी के राहुल अवाना पर दाव लगाते हुए गुर्जर मतदाताओं को अपने पाले में खिचने की कोशिश की है। खास बात यह रही है कि सपा ने घोषित किए गए प्रत्याशी डा0 महेंद्र नागर को बदला तो फिर भी गुर्जर बिरादरी के राहुल अवाना को जिम्मेदारी दी है। कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा नही बनेगी तो यहां से गुर्जर बिरादरी पर अपना दाव लगाएगी। गुर्जर बिरादरी से ही चौधरी ़ऋषिपाल अंबावता जो कि भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के अध्यक्ष भी है, चुनाव मैदान में उतारे जाने की चर्चा चल रही थी। इस बात की पुष्टि खुद भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के अध्यक्ष चौधरी ़ऋषिपाल अंबावता ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक बैठक के दौरान पत्रकारों के साथ खास बातचीत में की थी।

भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा
भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा

किंतु बसपा ने गौतमबुद्धनगर से गुर्जर बिरादरी के बजाय ठाकुर बिरादरी से पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी पर भरोसा जताया है। इस बात की पुष्टि खुद पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी ने भी की है। सूत्रांं की माने तो पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी के नाम की घोषित जल्द ही बसपा अधिकारिक रूप से करने वाली है। बसपा द्वारा गुर्जर बिरादरी को छोड कर ठाकुर बिरादरी से प्रत्याशी निकाल कर लाने के इस पैतरे से चुनावी समीकरण बदलने तय है। अब अलग अलग बिरादरी के यह प्रत्याशी मतदाताआेंं को अपने पाले में खिंचने की कोशिश करेंंगे। जातियता पर टिक जाने से चुनाव बेहद रोचक होने जा रहा है। इस चुनाव में इंडिया गठबंधन के घटक दल सपा प्रत्याशी राहुल अवाना बस नए चेहरे हैं। वहीं दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद डा0 महेश शर्मा मंझे हुए खिलाडी है। बसपा से ताल ठोक कर चुनाव मैदान में कूदने वाले पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी भी पुराने मंझे हुए खिलाडी माने जाते हैं। गौतमबुद्धनगर जिला बनने से पहले सिकंद्राबाद विधानसभा बुलंदशहर जिला की अभिन्न हिस्सा रही है। भाजपा में आज के एमएलसी नरेंद्र सिंह भाटी की राजनीति की शुरूआत सिकंद्राबाद विधानसभा से पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी के जमाने के बाद से हुई है। नरेंद्र सिंह भाटी ने पहला चुनाव जनता दल के टिकट पर सिकंद्राबाद से लडा था। इससे पहले सन 1989 ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी की ही सिकंद्राबाद के कांग्रेस से विधायक हुआ करते थे। तत्कालीन सिकंद्राबाद विधायक राजेंद्र सिंह सोलंकी के कार्यकाल में ही यमुना नदी पर दनकौर मंझावली पुल का शिलान्यास किए जाने के लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, तत्कालीन भूतल केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अंबार रिजवी आए थे। उस समय कांग्रेस का ही बोलबाला हुआ करता था।

कडी चुनौती होगी
कडी चुनौती होगी

यदि बसपा पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी को चुनाव मैदान में उतारती है तो भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा के लिए एक कडी चुनौती होगी। डा0 महेश शर्मा के सामने बसपा प्रत्याशी के रूप में बेहद मंझे हुए और राजनीति के चतुर खिलाडी पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सोलंकी ठाकुर बिरादरी के वोटों को अपने पाले में खिचते हुए नजर आएंगे। इससे ठाकुर बिरादरी के वोट बैंक में सैंध लगेगी और इस बिखराव से सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा का ही होगा। ठाकुर बिरादरी का वोट बैंक भाजपा का परापंरागत वोट माना जाता है। अब देखना है कि मोदी, योगी के नाम पर भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा किस तरह से ठाकुर बिरादरी वोट को बचा पाते हैं? वहीं दूसरी ओर बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूदने वाले पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह सोंलकी बिरादरी के वोट बैंक पर किस तरह कब्जा जमा पाते हैं, यह सब भविष्य के गर्भ में ही छिपा हुआ है।

बसपा का ठाकुर चेहरा पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सोंलकी

बसपा प्रमुख मायावती ने गौतमबुद्धनगर से अपना उम्मीदवार तय कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर से बसपा के टिकट पर ठाकुर राजेंद्र सोलंकी चुनाव लड़ेंगे। राजेंद्र सोलंकी राजपूत समाज से संपर्क रखते हैं। उनकी गिनती ठाकुर समाज के दिग्गज नेताओं में की जाती है। राजनीति से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि तीनों पार्टियों ने अपने अलग.अलग बिरादरी से उम्मीदवार मैदान में उतर कर मामला दिलचस्प कर दिया है।

ठाकुर राजेंद्र सोलंकी
ठाकुर राजेंद्र सोलंकी

तीनों उम्मीदवार अपनी बिरादरी से जुड़े वोटरों को खींचने का प्रयास करेंगे। राजेंद्र सिंह सोलंकी सिकंद्राबाद विधानसभा से सन 1989 तक कांग्रेस के विधायक रहे थे। उसके बाद उन्होंने एक भाजपा के टिकट पर और दो बार कांग्रेस के टिकट पर सिकंद्राबाद विधानसभा का चुनाव लडा था। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जब बुलंदशहर से लोकसभा का चुनाव लडे थे, राजेंद्र सिंह सोलंकी की भाजपा में तूती बोल रही थी। शुरू में राजेंद्र सिंह सोलंकी यूथ कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और फिर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश महासचिव पद पर रहे। पूर्व विधायक व बसपा के संभावित गौतमबुद्धनगर प्रत्याशी ठाकुर राजेंद्र सिंह सोलंकी ने ’’विजन लाइव’’ से बातचीत करते हुए बताया कि इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डा0 महेश शर्मा को कडी चुनौती पेश की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी वर्गो और जातियों को एक किए जाने की राजनीति की शुरूआत होगी और धर्म की राजनीति को किसी भी कीमत पर हावी नही होने दिया जाएगा। क्षेत्र के विकास, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों तथा मजदूरों के हकों के लिए यह लडाई अब सडक से लेकर संसद तक लडने का काम करेंगे।

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