
07 साइक्लिस्ट में से सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट संजीव वर्मा जो की पूर्व में उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर की दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, की भी भागीदारी रही


ये साइक्लिंग यात्रा दोनों सरकारों के सहयोग से अत्यंत रोमांचित करने वाली रही:-साइकिलिस्ट संजीव वर्मा एडवोकेट


भारत- टू- नेपाल साइक्लिंग -2025 के ऑर्गेनाइजर जसप्रीत सिंह और अनिल रतन कार से साथ-साथ चले और सभी बाधाओं को पार करते हुए नेपाल के जंगलों व दुर्गम पहाड़ियों से होते हुए अपना सफ़र सफलतापूर्वक परा किया


मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी” / गौतमबुद्धनगर
भारत से नेपाल के लिए शुरू हुई साइकिल यात्रा अपने मुकाम पर पहुंच गई है। यह साइक्लिंग 17 फरवरी-2025 को भारत की राजधानी दिल्ली से शुरू हुई और 22 फरवरी-2025 को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंची। इस साइक्लिंग में 07 साइक्लिस्ट ने भागीदारी की और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से यानी टूटी फूटी सड़कों से होते हुए भारी परेशानियां झेलते हुए करीब 1044 किलोमीटर की दूरी तय कर छह दिन में सफलतापूर्वक नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गए ।


इन 07 साइक्लिस्ट में से सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट संजीव वर्मा जो की पूर्व में उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर की दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, की भी भागीदारी रही। एडवोकेट संजीव वर्मा सुप्रीम कोर्ट के साथ में पटियाला हाउस जैसी कोर्ट में भी प्रैक्टिस करते रहे हैं जिन्हें गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा में रहते हुए कोरोना महामारी के दौरान साइकिलिंग का जुनून सवार हुआ और फिर ग्रेटर नोएडा से लद्दाख खारदुंगला की पहाड़ी और साथ ही गोवा तक भी साइकिलिंग करते हुए कई अवार्ड प्राप्त किया। इस बार इन 07 साइकिलिस्ट में संजीव वर्मा अकेले एक ऐसे साइकिल सवार यात्री रहे जो कि गौतमबुद्धनगर से अकेले ही उत्तर प्रदेश का नेतृत्व किया।


इनके साथ ही संजीव रतन पूर्व वायुसेना अधिकारी ,कमांडर दिलीप सिंह गोवा, डॉक्टर नीलेश रायपुर छत्तीसगढ़, डॉक्टर पवन ढींगरा, मेघा लुधियाना, बलराज सिंह चौहान होशियारपुर पंजाब ने भारत की राजधानी दिल्ली से साइकिल यात्रा शुरू की और सीधे नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचकर कई अवार्ड हासिल किए।



भारत- टू- नेपाल साइक्लिंग -2025 के ऑर्गेनाइजर जसप्रीत सिंह और अनिल रतन कार से साथ-साथ चले और सभी बाधाओं को पार करते हुए नेपाल के जंगलों व दुर्गम पहाड़ियों से होते हुए अपना सफ़र सफलतापूर्वक परा किया। उत्तर प्रदेश के साइकिलिस्ट संजीव वर्मा एडवोकेट ने नेपाल से फोन पर हुई वार्ता के दौरान “विजन लाइव” को बताया कि इस यात्रा का संदेश वातावरण को स्वच्छ करने के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल वर्जित तथा शांति के लिए था। यह यात्रा भारत नेपाल मैत्री को प्रगाढ़ बनाने के लिए की गई। यह एक अल्ट्रा साइक्लिंग यात्रा रही जो कि वर्ल्ड अल्ट्रा साइक्लिंग एसोसिएशन न्यूयॉर्क के सौजन्य से संपूर्ण की गई।


यात्रा पूर्ण होने के उपरांत होटल सिद्धार्थ में 22 फ़रवरी-2025 के सायंकाल में पुरस्कार वितरण डिप्टी स्पीकर नेपाल सरकार, साइकिल एसोसिएशन काठमांडू, टेनिस एसोसिएशन काठमांडो व अन्य सरकारी अधिकारियों के मौजूदगी में भव्य समारोह आयोजित कर किया गया। सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में सभी साइक्लिस्ट को ट्रॉफी प्रदान की गई है तदुपरांत अगली रात्रि को रोटरी क्लब काठमांडो के द्वारा होटल रॉयल ट्यूलिप , काठमांडू में सभी का ज़ोरदार स्वागत करते हुए प्रमाण पत्र भी दिए गए। इस अवार्ड सेरेमनी में रोटरी गवर्नर व 100 से अधिक नेपाली सामाजिक कार्यकर्ताओं व पत्रकार बंधु भी मौजूद रहे।



रोटरी गवर्नर द्वारा सभी साइक्लिस्ट का भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा लगभग 1050 किलोमीटर की रही तथा इस यात्रा को पूर्ण करने में 6 दिवस का समय लगा। इस साइक्लिंग यात्रा का आयोजन ऐतिहासिक रहा, क्योंकि दो देशों की राजधानियों से जुड़ा हुआ था, C2C यानी भारत की राजधानी दिल्ली- नेपाल की राजधानी काठमांडू में वह हुई । ये साइक्लिंग यात्रा दोनों सरकारों के सहयोग से अत्यंत रोमांचित करने वाली रही।