गौतमबुद्धनगर की लुकसर जेल में कैदियों को वितरित की गई जैकेट

 

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/गौतमबुद्धनगर

  समाजसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए लुकसर जेल में कैदियों को जैकेट वितरित की गईं। इस मानवीय पहल में सूरजपुर से पवन जिंदल, एडवोकेट दीपक भाटी और विनोद कौंडली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल कैदियों की मदद करना था, बल्कि उन्हें समाज से जोड़ने और उनके मनोबल को बढ़ाने का भी प्रयास किया गया।

कैदियों के पुनर्वास की दिशा में सराहनीय प्रयास

जेल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समाजसेवी कार्य कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होते हैं। कैद में रह रहे व्यक्तियों को अक्सर समाज से कटा हुआ महसूस होता है, लेकिन ऐसे कार्य उन्हें यह अहसास कराते हैं कि वे भी समाज का हिस्सा हैं और उनके पुनर्वास की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

जैकेट वितरण के दौरान जेल में एक सादे समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाजसेवियों ने कैदियों को यह संदेश दिया कि वे अकेले नहीं हैं। इस अवसर पर विनोद कौंडली ने कहा कि “हर व्यक्ति को एक दूसरा मौका मिलना चाहिए। कैदी भी हमारे समाज का हिस्सा हैं, और हमें उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।”

कैदियों के चेहरे पर दिखी खुशी

जैसे ही कैदियों को जैकेट वितरित की गई, उनके चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। कई कैदियों ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास उनके जीवन में उम्मीद की एक किरण लाते हैं। एक कैदी ने कहा,कि “यह सिर्फ एक जैकेट नहीं, बल्कि हमारे प्रति सहानुभूति और अपनापन का एहसास है।”

समाजसेवा में अग्रणी चेहरे

पवन जिंदल, दीपक भाटी और विनोद कौंडली लंबे समय से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे विभिन्न माध्यमों से गरीबों, जरूरतमंदों और वंचित वर्ग की सहायता के लिए कार्य करते आए हैं। चाहे वह ठंड में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराना हो या शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता करना, उनका उद्देश्य हमेशा समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना रहा है।

समाज में बदलाव लाने की दिशा में कदम

यह पहल केवल एक छोटे से प्रयास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सोच को दर्शाती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। ऐसे प्रयास यह साबित करते हैं कि यदि समाज के संपन्न और जागरूक वर्ग आगे आएं, तो वे जरूरतमंदों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।

जेल प्रशासन और समाज का समर्थन आवश्यक

समाजसेवी कार्यों को सफल बनाने के लिए प्रशासन और समाज दोनों का सहयोग आवश्यक होता है। लुक्सर जेल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा इस तरह के सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करेंगे। जेल अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रहेगी, जिससे कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने में सहायता मिलेगी।

समाजसेवा की प्रेरणा

इस तरह की पहल से यह संदेश जाता है कि समाजसेवा केवल जरूरतमंदों की सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता को जीवंत रखने का भी एक माध्यम है। जैकेट वितरण का यह कार्यक्रम केवल एक सहायता अभियान नहीं था, बल्कि यह एक उम्मीद का संदेश था—एक बेहतर और समान अवसरों से भरे समाज का। समाज में यदि हर व्यक्ति इसी भावना से कार्य करे, तो निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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