
मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी” / गौतमबुद्धनगर
शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की दिशा में अग्रसर गुरुकुल महाविद्यालय, सिकंदराबाद में शनिवार को एक ऐतिहासिक और गौरवमयी आयोजन के तहत जीणोॅद्धार एवं नए भवन का विधिवत शिलान्यास किया गया। यह परियोजना केंद्र सरकार की अलंकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त 50 लाख रुपये के आर्थिक अनुदान से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक, गौतम बुद्ध नगर डॉ. धर्मवीर सिंह, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के संस्थापक स्वामी कर्मवीर जी महाराज, गुरुकुल महाविद्यालय सिकंदराबाद के अध्यक्ष ओमवीर सिंह भाटी एडवोकेट एवं प्रबंधक मास्टर आज़ाद सिंह भाटी ने संयुक्त रूप से इस योजना का शिलान्यास किया। इन सभी विशिष्ट व्यक्तियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधिपूर्वक भूमि पूजन कर ‘जीणोॅद्धार’ योजना की शुरुआत की।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित एवं सम्मानित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ा दिया। प्रमुख रूप से उपस्थित महानुभावों में देव मुनि, आर्य वीरेश भाटी, विजेंद्र सिंह आर्य, पंडित धर्मवीर आर्य, पूर्व प्रधानाचार्य विजेंद्र सिंह भाटी, धर्मवीर सिंह आर्य, एडवोकेट इंद्रवीर सिंह भाटी एवं अन्य गणमान्य नागरिक सम्मिलित रहे।

यह योजना गुरुकुल महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, योग एवं संस्कार, नैतिक मूल्यों, तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के समन्वय के साथ तैयार करना है, ताकि वे न केवल शिक्षित, बल्कि आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। ‘जीवन आधार’ योजना के तहत महाविद्यालय में नवीन अधोसंरचना, पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएं, योग प्रशिक्षण केंद्र और कौशल विकास कार्यशालाओं की स्थापना की जाएगी। शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा, “गुरुकुल महाविद्यालय की यह पहल शिक्षा की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास है। यह न केवल विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा।”

स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने वैदिक परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा,कि “गुरुकुल परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत है और यदि इसे आधुनिक संसाधनों से जोड़ा जाए, तो शिक्षा का स्वरूप और भी प्रभावी एवं परिणामदायक बन सकता है।”


ओमवीर सिंह भाटी और मास्टर आज़ाद सिंह भाटी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस योजना से न केवल महाविद्यालय का विस्तार होगा, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी नए अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम का समापन वैदिक मंगलाचरण, सामूहिक प्रसाद वितरण एवं उपस्थित अतिथियों के सम्मान समारोह के साथ हुआ। स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों एवं छात्रों में इस योजना को लेकर उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखा गया।