
स्पेशल स्टोरी: ग्रेटर नोएडा में कथित धर्मांतरण का मामला — कैसे खुला पूरा नेटवर्क, क्या कहता है , कानून

मौहम्मद इल्यास-“दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा
थाना बीटा-2 क्षेत्रांतर्गत ऐच्छर इलाके में सामने आया कथित धर्मांतरण का मामला केवल एक स्थानीय सूचना नहीं, बल्कि कानून, समाज और प्रशासन—तीनों के लिए एक गंभीर सवाल बनकर उभरा है। सेक्टर-36 बी, मकान संख्या 224 में बेसमेंट के भीतर चल रही गतिविधियों की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को हुई, पूरे इलाके में हलचल मच गई।
कैसे सामने आया मामला
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ महिलाओं को नियमित रूप से एकत्र किया जा रहा था और उन्हें ईसाई धर्म से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। आरोप है कि इसके पीछे आर्थिक सहायता और शिक्षा जैसे प्रलोभनों की भूमिका थी। लोगों ने जब इस पर आपत्ति जताई तो मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
08 फरवरी 2026 को सूचना मिलते ही थाना बीटा-2 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि एक टैक्सी चालक सुरेश, उसकी पत्नी व साली तथा ऐच्छर निवासी चंद्रकरण द्वारा कुछ महिलाओं को एकत्र कर धार्मिक जानकारी दी जा रही थी।

गिरफ्तारी और विधिक कार्रवाई
पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत करते हुए दो आरोपियों—
सुरेश पुत्र शंकर लाल, निवासी बांसवाड़ा, राजस्थान (वर्तमान पता: सी-28, सिग्मा-2, गौतमबुद्धनगर)
चंद किरण पुत्र गजेसिंह प्रजापति, निवासी ऐच्छर, गौतमबुद्धनगर
को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मौके से धार्मिक पुस्तकें व अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
संगठनों और स्थानीय लोगों का विरोध
मामले की जानकारी मिलते ही सेक्टर के लोग मौके पर जुट गए। हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी।
कानूनी परिप्रेक्ष्य
उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम लागू है, जिसके तहत जबरन, प्रलोभन या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना दंडनीय अपराध है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एक दर्जन से अधिक लोगों के कथित धर्मांतरण की कोशिश की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। सभी पहलुओं—प्रलोभन, सहमति और आयोजन की प्रकृति—को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई होगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।