किसान असंतोष की नई लहर: अराजनीतिक नेतृत्व, लोकतांत्रिक चयन और प्रशासन को खुली चेतावनी

 

🔴

SPECIAL STORY | VISION LIVE NEWS 🔴
किसान असंतोष की नई लहर: अराजनीतिक नेतृत्व, लोकतांत्रिक चयन और प्रशासन को खुली चेतावनी

मौहम्मद इल्यास”दनकौरी” / यीडा सिटी
गौतमबुद्धनगर और आसपास के क्षेत्रों में एक बार फिर किसान आंदोलन की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है। किसान यूनियन अजगर शक्ति द्वारा नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले बड़े किसान आंदोलन की भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
🏛️ लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी गई टीम
दनकौर स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय संरक्षक हरवीर नागर के संरक्षण और राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभु प्रधान के नेतृत्व में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी गठित की गई।
इस दौरान संगठन ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया किसी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रही और सभी पदों पर नियुक्तियाँ कार्यकर्ताओं की सर्वसम्मति से की गईं।
नीरज सरपंच नवादा को राष्ट्रीय प्रवक्ता और नरेश चपरगढ़ को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के साथ संगठन ने यह संदेश दिया कि अब युवा, मुखर और जमीनी नेतृत्व को आगे लाया जा रहा है।
🔍 विशेष एंगल: ‘ना राजनीति, ना समझौता’
राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज सरपंच नवादा ने दो टूक कहा कि किसान यूनियन अजगर शक्ति
किसी राजनीतिक दल की शाखा नहीं है।
उन्होंने कहा कि संगठन न तो किसी दल के इशारे पर चलता है और न ही किसी चुनावी फायदे के लिए किसानों के मुद्दों से समझौता करेगा।
उनका कहना था कि—
“हमारी लड़ाई केवल किसान के हक़, ज़मीन, मुआवज़े, बिजली और प्रशासनिक अन्याय के खिलाफ है।”
⚠️ प्राधिकरण पर गंभीर आरोप
बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर प्राधिकरण द्वारा
अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा
रोजगार और पुनर्वास के वादे अधूरे हैं
बिजली, पानी और राजस्व से जुड़े मामलों में किसानों को लगातार दौड़ाया जा रहा है
संगठन ने कहा कि यदि यही रवैया जारी रहा तो प्राधिकरण के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।


गांव-गांव पंचायत की तैयारी
राष्ट्रीय संरक्षक हरवीर नागर ने जानकारी दी कि जल्द ही
बिजली विभाग से जुड़े मामलों को लेकर
तहसील स्तर पर खुली पंचायतों का आयोजन किया जाएगा
इन पंचायतों में पीड़ित किसानों की समस्याएँ सीधे अधिकारियों के सामने रखी जाएँगी और समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की तारीख तय की जाएगी।


👥 जमीनी एकजुटता की झलक
बैठक में मास्टर नेपाल कसाना, रजपाल नागर, सतन खटाना, इन्द्रजीत प्रधान, जबर मलिक, धर्मवीर, मकसूद, जगदीश, सुखपाल, जगत, कृष्ण भाटी, सुक्की, सत्तू, कुलदीप, नितिन सहित अनेक किसान नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
इनकी मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि संगठन को जमीनी समर्थन लगातार मज़बूत हो रहा है।
📌 क्यों अहम है यह गठन?
विशेषज्ञों का मानना है कि गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में चल रही औद्योगिक और शहरी परियोजनाओं के बीच किसानों की नाराज़गी बढ़ रही है। ऐसे में एक मजबूत अराजनीतिक किसान संगठन का उभार प्रशासन के लिए नई चुनौती बन सकता है।


🔚 “विजन लाइव”का विश्लेषण
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही किसान यूनियन अजगर शक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में किसान मुद्दों को लेकर चुप्पी नहीं, संघर्ष होगा। अब देखना यह है कि प्रशासन संवाद का रास्ता अपनाता है या किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होते हैं।

Leave a Reply

Translate »