ऑनलाइन बेटिंग गैंग का बड़ा भंडाफोड़: भारी मात्रा में फर्जी बैंक दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

 


ऑनलाइन बेटिंग गैंग का बड़ा भंडाफोड़: बिसरख पुलिस ने Winbuzz एप चलाने वाले 8 सदस्य गिरफ्तार, भारी मात्रा में फर्जी बैंक दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

        क्राइम रिपोर्टर  / ग्रेटर नोएडा
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की सेंट्रल नोएडा टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग एप Winbuzz के नाम पर जालसाजी और ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 07 पुरुष और 01 महिला समेत कुल 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से फर्जी/कूटरचित बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, लैपटॉप, टैबलेट, 61 मोबाइल फोन और नकदी सहित भारी मात्रा में आपराधिक सामग्री बरामद की है।

गिरोह को लॉ रेजीडेंसिया सोसायटी के टावर-1 में छापेमारी कर पकड़ा गया, जहां सभी आरोपी एक टेबल के आसपास बैठकर लैपटॉप व मोबाइल से लाइव ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेशन चला रहे थे।


ऐसे चलाते थे ठगी का गेम – पहले छोटी जीत, फिर बड़ा घाटा

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के अनुसार आरोपियों ने Winbuzz नाम से अपना गेमिंग/बेटिंग एप बनाया था। इसमें लोगों को भारी मुनाफा और जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर फंसाया जाता था।
पुलिस जांच से पता चला कि:

  • आरोपी पहले नए यूज़र्स को छोटी राशि जितवाकर उनका भरोसा जीतते थे।
  • इसके बाद लालच बढ़ने पर जब लोग ज्यादा रकम लगाते थे, तो अकाउंट बैलेंस धीरे-धीरे डूब जाता था
  • आरोपियों ने दर्जनों फर्जी बैंक खाते अलग-अलग नामों से खुलवा रखे थे, जिनमें ठगे गए पैसों को ट्रांसफर कराया जाता था।
  • इसके लिए वे दूसरों की आईडी लेकर फर्जी सिम कार्ड खरीदते, उन्हीं सिम पर बैंक खाते खुलवाते और पूरे नेटवर्क को इन शेल खातों से संचालित करते थे।
  • बरामद सभी सिम कार्ड दूसरों की पहचान पर लिए गए प्री-एक्टिवेटेड सिम हैं।

बरामदगी में गिरोह का आकार उजागर—159 पासबुक, 95 चेकबुक, 131 डेबिट कार्ड

पुलिस टीम को आरोपियों से जो सामान मिला है, वह गिरोह के बड़े पैमाने पर काम करने की पुष्टि करता है:

  • 159 फर्जी/कूटरचित बैंक पासबुक
  • 95 चेक बुक
  • 131 एटीएम/डेबिट कार्ड
  • 114 विभिन्न नामों के फर्जी सिम कार्ड
  • 61 मोबाइल फोन
  • 07 लैपटॉप
  • 01 टैबलेट
  • 39,670 रुपये नकद

पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क मंत्रणा, वित्तीय फ्रॉड और साइबर ठगी की एक संगठित चेन की तरह काम करता था।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

सभी आरोपी इटावा के रहने वाले हैं और इनमें एक महिला भी शामिल है:

  1. अंकित सिंह (24)
  2. हिमांशु (20)
  3. चिराग जैन (21)
  4. प्रथम मिश्रा (22)
  5. हर्षित वर्मा (23)
  6. अंश कुमार वर्मा (20)
  7. नितिन बाबू (22)
  8. कीर्ति (23)

कानूनी कार्रवाई

थाना बिसरख में आरोपियों के खिलाफ मु.अ.सं. 894/2025, धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व 13 जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।


डीसीपी ने की पुलिस टीम की सराहना

डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने इसे साइबर व वित्तीय अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए टीम को सराहना दी।
उन्होंने कहा कि ऐसे गैंग युवाओं के लालच और डिजिटल स्पेस का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर ठगी करते हैं। इस मामले की गहन जांच जारी है और गैंग के नेटवर्क तथा बैंकिंग चैनलों की भी पड़ताल की जा रही है।

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