भारतीय फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज शो का भव्य आगाज़


 

ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ IFJAS 2025, पहले दिन विदेशी खरीदारों और शिल्प प्रेमियों की रही जबरदस्त भागीदारी

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ग्रेटर नोएडा
इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा में तीन दिवसीय 19वें भारतीय फैशन ज्वैलरी एवं एक्सेसरीज शो (IFJAS) का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 4 से 6 जुलाई तक चलेगा और पहले ही दिन इसमें बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों, प्रदर्शकों, डिजाइनरों, शिल्पकारों, व्यापार प्रतिनिधियों और मीडिया की उपस्थिति दर्ज हुई।

कार्यक्रम का उद्घाटन हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने किया। इस अवसर पर EPCH के मुख्य संरक्षक व IEML के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, उपाध्यक्ष सागर मेहता, IFJAS 2025 के अध्यक्ष जे.पी. सिंह और उपाध्यक्ष मोहम्मद रईस सहित परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।


पहले दिन दिखा ‘भारत की कला शक्ति’ का रंगीन संगम

उद्घाटन के दिन थीम आधारित शिल्प प्रदर्शन, डिजाइनर्स आर्केड, फैशन शो और खरीदार-विक्रेता संवाद इस आयोजन की प्रमुख झलकियाँ रहीं। देशभर से आए लगभग 200 प्रदर्शकों ने फैशन ज्वैलरी, एसेसरीज और संबंधित घटकों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की।

EPCH अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा,

“यह शो केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, ब्रांड निर्माण और अंतरराष्ट्रीय पहचान का अवसर है। यह आयोजन भारत की शिल्प संपदा को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है।”

उन्होंने अपने “3 गुना 30 तक” नामक विजन की बात की, जो आत्मविश्वास, क्षमताएं और क्षमता पर आधारित है — क्षेत्रीय सशक्तिकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को इसकी प्राथमिकताएं बताया गया।


विदेशी खरीदारों का बढ़ा रुझान, फैशन शो बना आकर्षण का केंद्र

EPCH के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि विदेशी खरीदारों से शो को अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा,

“फैशन शो इस मेले की विशेष पहचान बनते जा रहे हैं, जहां ट्रेंड-फॉरवर्ड ज्वैलरी और एसेसरीज को पेश किया जा रहा है।”

IFJAS अध्यक्ष जे. पी. सिंह ने इसे भारत की कारीगरी का उत्सव बताते हुए कहा कि इस बार शो में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, वाराणसी सहित विभिन्न क्षेत्रों के कारीगर उद्यमी भाग ले रहे हैं।

उपाध्यक्ष मोहम्मद रईस ने दोहराया कि शो का उद्देश्य भारत के क्षेत्रीय शिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और खरीदारों के साथ सार्थक जुड़ाव स्थापित करना है।


भारत बना पसंदीदा सोर्सिंग हब

कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने बताया कि कंपोनेंट सेक्टर में भारत आज वैश्विक खरीदारों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा,

“यह मेला स्टाइल स्टेटमेंट की तलाश और सोर्सिंग की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।”


निर्यात में भी भारत का प्रदर्शन रहा शानदार

वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारतीय हस्तशिल्प का कुल निर्यात ₹33,123 करोड़ (US$ 3,918 मिलियन) रहा, जिसमें फैशन ज्वैलरी एवं एसेसरीज का निर्यात ₹6,252 करोड़ (US$ 739 मिलियन) रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में रुपये में 7.92% और डॉलर में 5.64% की वृद्धि है।


6 जुलाई तक चलेगा शो – होंगे फैशन शो, डिस्प्ले और संवाद

IFJAS 2025 का आयोजन 6 जुलाई तक जारी रहेगा, जिसमें थीम प्रदर्शनी, रैम्प शो, डिजाइनर प्रस्तुतियाँ और खरीदार-विक्रेता मीटिंग्स के माध्यम से भारत की कारीगरी और फैशन ज्वैलरी सेक्टर का वैश्विक प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।

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