
डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का सबसे बड़ा प्रहार, बुल्डोजर एक्शन से मचा हड़कंप

हैबतपुर व चिपियाना खुर्द में सख़्त कार्रवाई, 9000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र और विशेष रूप से डूब क्षेत्र में तेजी से पनप रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाते हुए शुक्रवार को बड़ा बुल्डोजर अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत ग्राम हैबतपुर के डूब क्षेत्र में विकसित की जा रही शिवम एंक्लेव और ग्राम चिपियाना खुर्द में अवैध निर्माण को ध्वस्त कर लगभग 9000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
प्राधिकरण की यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिनके तहत डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण को पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा माना गया है। अधिकारियों के अनुसार, हैबतपुर क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइजरों ने नियमों को ताक पर रखकर न सिर्फ प्लॉटिंग शुरू कर दी थी, बल्कि मकानों का निर्माण और सीवर लाइन बिछाने तक का काम शुरू कर दिया गया था, जिससे भविष्य में बाढ़, जलभराव और पर्यावरणीय क्षति का खतरा बढ़ सकता था।
ग्राम हैबतपुर के खसरा संख्या 209, 210 और 212 में लगभग 7000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्री वॉल, अधबने मकान और अन्य ढांचों को जेसीबी की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, ग्राम चिपियाना खुर्द के खसरा नंबर 59 में करीब 2000 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों और बाउंड्री वॉल को भी तोड़ दिया गया।
इस व्यापक अभियान का संचालन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर किया गया। मौके पर मौजूद एसीईओ सुमित यादव, जो अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे थे, ने सख़्त चेतावनी देते हुए कहा कि
“अधिसूचित क्षेत्र या डूब क्षेत्र में बिना अनुमति और नक्शा पास कराए किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण आगे भी बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई करता रहेगा।”
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अवैध कॉलोनाइजरों के बहकावे में न आएं, क्योंकि ऐसे निर्माण भविष्य में कानूनी और आर्थिक संकट का कारण बन सकते हैं। जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख एवं नियोजन विभाग से पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है।
परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि कार्रवाई वर्क सर्किल-1 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में की गई। अभियान में प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, तकनीकी सुपरवाइजर और सुपरवाइजर की टीम शामिल रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राधिकरण पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि कार्रवाई के लिए तीन जेसीबी और तीन डंपर लगाए गए।
गौरतलब है कि बीते 16 दिनों में यह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की छठी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले
20 जनवरी को भनौता में 11,340 वर्ग मीटर,
28 जनवरी को हैबतपुर में 6,000 वर्ग मीटर,
29 जनवरी को खेड़ा चौगानपुर में 8 टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैटों को सील,
4 फरवरी को भनौता में 10,000 वर्ग मीटर,
और 5 फरवरी को रोहिल्लापुर में 18,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब अवैध कॉलोनियों, डूब क्षेत्र में निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना चुका है। प्राधिकरण का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।