रजत जयंती का स्वर्णिम उत्सव: जीएनआईओटी में युवा शक्ति, नवाचार और सांस्कृतिक उत्कर्ष का विराट संगम

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🌟 रजत जयंती का स्वर्णिम उत्सव: जीएनआईओटी में युवा शक्ति, नवाचार और सांस्कृतिक उत्कर्ष का विराट संगम
📍मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी” /  ग्रेटर नोएडा | 16 फरवरी 2026


ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का रजत जयंती समारोह अपने तृतीय दिवस पर भव्यता, ऊर्जा और सृजनात्मकता के शिखर पर पहुंचा। 25 वर्षों की शैक्षणिक उत्कृष्टता का यह उत्सव केवल अतीत की उपलब्धियों का स्मरण नहीं था, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का उद्घोष भी बन गया। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल, विद्यार्थियों का उत्साह और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति इस दिन को ऐतिहासिक बना गई।


💃 “नृत्यांजलि”: जब मंच पर उतरी युवा अभिव्यक्ति
अंतर-महाविद्यालयीय नृत्य प्रतियोगिता “नृत्यांजलि” ने तीसरे दिन को यादगार बना दिया। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों—हंसराज कॉलेज, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, गलगोटियास विश्वविद्यालय, शारदा विश्वविद्यालय, गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान) सहित अनेक महाविद्यालयों—के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच पर शास्त्रीय नृत्य की गंभीरता, लोक नृत्य की जीवंतता, अर्ध-शास्त्रीय की लयात्मकता और समकालीन नृत्य की आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। फ्यूजन प्रस्तुतियों ने परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु का कार्य किया। रोशनी, संगीत और मंच सज्जा ने हर प्रस्तुति को एक पेशेवर आयाम दिया।
निर्णायक मंडल—डॉ. प्रीति शर्मा, श्रद्धा यादव एवं साहिल शर्मा—ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, मंच उपस्थिति, तालमेल और विषय-वस्तु के प्रभाव के आधार पर किया। कई प्रस्तुतियों में सामाजिक संदेश भी निहित था—महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों ने प्रतियोगिता को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि चिंतन का मंच बना दिया।


🎤 प्रेरक नेतृत्व का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी (क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, भाजपा, बिहार–झारखंड) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि परिवर्तन का वाहक है।
उन्होंने कहा—
“जब शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों का समन्वय होता है, तभी राष्ट्र निर्माण की सुदृढ़ नींव रखी जाती है। ऐसे मंच विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व का वास्तविक अनुभव प्रदान करते हैं।”


विशिष्ट अतिथियों—आशुतोष सिंह (क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, काशी क्षेत्र), राज कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, गौतम बुद्ध नगर), बृजेश कुमार (जिला कारागार अधीक्षक, गौतम बुद्ध नगर) और संजय कुमार सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, कारागार संगठन)—ने भी विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की और संस्थान की पहल को सराहनीय बताया।


🧠 टेक्नोबिज क्विज: ज्ञान और तर्क का रोमांच
रजत जयंती के तृतीय दिवस पर आयोजित टेक्नोबिज अंतर-महाविद्यालयीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने बौद्धिक प्रतिस्पर्धा का नया आयाम प्रस्तुत किया। कुल 15 टीमों ने तकनीक, व्यवसाय, समसामयिक घटनाक्रम और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्नों पर अपनी पकड़ दिखाई।
तीव्र और रोमांचक मुकाबले के बाद जीएनआईओटी की टीम ने प्रथम स्थान तथा आईटीएस महाविद्यालय की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंतिम राउंड तक चली प्रतिस्पर्धा ने दर्शकों को भी रोमांचित कर दिया।


💡 आइडियाथॉन: विचारों से भविष्य निर्माण
आयोजित आइडियाथॉन प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की नवाचारी सोच को मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों ने स्मार्ट सिटी समाधान, हरित ऊर्जा, डिजिटल हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, व्यवहारिकता और सामाजिक प्रभाव को आधार बनाकर उनका मूल्यांकन किया। कई विचार ऐसे थे जिन्हें स्टार्टअप मॉडल के रूप में विकसित करने की संभावना व्यक्त की गई।


🏅 सम्मान समारोह: प्रतिभा का उत्सव
समारोह के अंत में आयोजित पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
“उत्साही शिक्षार्थी सम्मान” – अध्ययन में उत्कृष्टता और अनुशासन के लिए
“क्लब समन्वय सम्मान” – संस्थान के क्लबों के प्रभावी संचालन के लिए
सम्मानित विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और संतोष की झलक स्पष्ट थी। यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि 25 वर्षों की शैक्षणिक परंपरा की निरंतरता का प्रतीक था।


🎓 25 वर्षों की यात्रा: शिक्षा से व्यक्तित्व निर्माण तक
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने पिछले 25 वर्षों में तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन, नवाचार और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संस्थान का लक्ष्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास है—जहां वे ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण होकर समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनें।
रजत जयंती समारोह का तृतीय दिवस इसी सोच का जीवंत उदाहरण रहा—जहां मंच पर कला थी, सभागार में ऊर्जा थी और वातावरण में भविष्य की संभावनाओं की गूंज।


🔴 “विजन लाइव” का विश्लेषण
जीएनआईओटी का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, नवाचार और युवा सशक्तिकरण का महाउत्सव था। 25 वर्षों की उपलब्धियों के बाद भी संस्थान की दृष्टि आगे की ओर है—जहां हर विद्यार्थी को अपने सपनों को आकार देने का अवसर मिले।

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