Future Scape Marketing 2030” : जीएल बजाज में इंटरनेशनल मार्केटिंग समिट ने दिखाया भविष्य का रोडमैप

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📰 “Future Scape Marketing 2030” : जीएल बजाज में इंटरनेशनल मार्केटिंग समिट ने दिखाया भविष्य का रोडमैप

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा 
ग्रेटर नोएडा। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका और उपभोक्ता व्यवहार में तीव्र परिवर्तन के दौर में मार्केटिंग की दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी? इन्हीं सवालों के उत्तर तलाशने के उद्देश्य से 14 फरवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीजीडीएम संस्थान) में “Future Scape Marketing: Trends that Will Shape Marketing by 2030” विषय पर इंटरनेशनल मार्केटिंग समिट 2026 का भव्य आयोजन किया गया।
यह समिट केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अकादमिक और कॉरपोरेट जगत के संगम का सशक्त मंच बनकर उभरा, जहां छात्रों को भविष्य की मार्केटिंग रणनीतियों की गहराई से समझ प्रदान की गई।


🌍 वैश्विक विशेषज्ञों की उपस्थिति और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण

समिट के मुख्य अतिथि डॉ. नसीम अबीदी, प्रोफेसर एवं डीन, स्कूल ऑफ बिजनेस, होरिजन यूनिवर्सिटी कॉलेज, अजमान (यूएई) रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 2030 तक मार्केटिंग पूरी तरह डेटा-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेटेड हो जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का बढ़ता प्रभाव
उपभोक्ता अनुभव (Customer Experience) की केंद्रीय भूमिका
सस्टेनेबल और एथिकल मार्केटिंग की अनिवार्यता
ग्लोबल ब्रांडिंग में लोकल इनसाइट्स का महत्व
कीनोट स्पीकर प्रो. डॉ. ईशा हिल्टूनन (यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्टर्न फिनलैंड) ने फ्यूचर स्टडीज़ के संदर्भ में बताया कि आने वाले वर्षों में कंपनियों को “प्रोएक्टिव मार्केटिंग” की ओर बढ़ना होगा, जहां ट्रेंड्स का अनुमान लगाकर पहले से रणनीति बनाई जाएगी।


💼 कॉरपोरेट लीडर्स ने साझा किए जमीनी अनुभव
पैनल डिस्कशन में उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया, जिनमें शामिल रहे:
के. जी. सुब्रमण्यम, सीईओ, एलटी फूड्स
प्रताप माथुर, सीईओ, आद्या ऑर्गेनिक्स
अमित जनार, वीपी सेल्स, पैनटेक फूड्स
मणिनंदन रमेश, हेड बिजनेस एक्सीलरेटर एंड स्ट्रेटेजी, एपिस
आरती सिंह, जीएम मार्केटिंग, रेड एफएम
सौरभ सिंह, मार्केटिंग मैनेजर, वरुण बेवरेजेस लिमिटेड
विशेषज्ञों ने बताया कि अब मार्केटिंग “वन-वे कम्युनिकेशन” नहीं, बल्कि “टू-वे एंगेजमेंट” बन चुकी है। सोशल मीडिया, इंफ्लुएंसर मार्केटिंग, ओम्नी-चैनल स्ट्रेटेजी और हाइपर-पर्सनलाइजेशन जैसे टूल्स कंपनियों की सफलता के निर्णायक कारक बनेंगे।
ओपन हाउस सत्र में छात्रों ने डिजिटल ब्रांडिंग, स्टार्टअप मार्केटिंग, ग्लोबल मार्केट एंट्री और एआई-आधारित एनालिटिक्स पर सवाल पूछे, जिनका पैनलिस्टों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान दिया।


🎨 रचनात्मकता और तकनीक का संगम
समिट के अंतर्गत आयोजित डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता ने छात्रों की रचनात्मकता को नया मंच दिया। प्रतिभागियों ने 2030 की मार्केटिंग दुनिया को डिजिटल कला के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक गरीक्षित खन्ना, कॉरपोरेट एआई एवं जनरेटिव एआई विशेषज्ञ (डिजिटल ट्रेनिंग जेट), ने विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि “मार्केटिंग का भविष्य टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी के संतुलन पर निर्भर करेगा।”


🎓 संस्थान की सोच: इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल्स तैयार करना
मुख्य समन्वयक डॉ. अर्पिता श्रीवास्तव ने समापन सत्र में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
संस्थान की निदेशिका डॉ. सपना राकेश ने कहा,
“हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय समिट छात्रों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाते हैं।”


📈 2030 की मार्केटिंग: क्या होंगे प्रमुख ट्रेंड्स?
समिट में उभरे प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार:
एआई और डेटा एनालिटिक्स आधारित निर्णय प्रणाली
कस्टमर-सेंट्रिक बिजनेस मॉडल
सस्टेनेबल ब्रांडिंग और ग्रीन मार्केटिंग
डिजिटल और फिजिकल चैनलों का समन्वय
पर्सनलाइज्ड और रियल-टाइम कस्टमर एंगेजमेंट


🤝 अकादमिक और इंडस्ट्री का सशक्त मंच
दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र और शिक्षक भी इस समिट में शामिल हुए। कार्यक्रम ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि नेटवर्किंग और करियर अवसरों के नए द्वार भी खोले।


कुल मिलाकर, इंटरनेशनल मार्केटिंग समिट 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य की मार्केटिंग केवल उत्पाद बेचने की कला नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उपभोक्ता मनोविज्ञान का समन्वित विज्ञान है।

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