ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की हत्याकांड में बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट से मिली जमानत

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ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की हत्याकांड में बड़ा अपडेट
सास दया को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित निक्की हत्याकांड में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में आरोपित निक्की की सास दया को जमानत दे दी है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ द्वारा पारित किया गया।


क्या है,पूरा मामला
यह प्रकरण थाना गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र के केस क्राइम संख्या 194/2025 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) एवं 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि 21 अगस्त 2025 को निक्की को कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
एफआईआर में सास दया पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ (थिनर) अपने पुत्र विपिन को दिया, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया।


अदालत में क्या दलीलें दी गईं
बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि आवेदिका को झूठा फंसाया गया है, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। अदालत के समक्ष यह भी प्रस्तुत किया गया कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आवेदिका घायल निक्की को उपचार हेतु ले जाते हुए दिखाई देती हैं।
इसके अतिरिक्त, मृतका के पुत्र अविश भाटी के बयान का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उसने घटना के समय अन्य किसी व्यक्ति की उपस्थिति से इनकार किया है।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आवेदिका का नाम एफआईआर में है और उन्हें एक विशिष्ट भूमिका सौंपी गई है। साथ ही, पूर्व में हुए विवाद से संबंधित एक वीडियो का भी हवाला दिया गया।


न्यायालय का निर्णय
उच्च न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, मामले की परिस्थितियों, आवेदिका के आपराधिक इतिहास के अभाव तथा विचाराधीन परीक्षण (ट्रायल) को ध्यान में रखते हुए दया को सशर्त जमानत देने का आदेश पारित किया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत पर रिहाई के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास होने पर जमानत निरस्त की जा सकती है। साथ ही, आदेश में यह भी कहा गया कि इस टिप्पणी का ट्रायल की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


अन्य आरोपियों की स्थिति
इस मामले में निक्की के जेठ रोहित और ससुर सतवीर को भी पूर्व में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। हालांकि, मुख्य आरोपी बताए जा रहे विपिन अभी न्यायिक हिरासत में हैं।


अधिवक्ता की प्रतिक्रिया
मुलजिम पक्ष के अधिवक्ता एडवोकेट अमित भाटी (बोडाकी) ने जमानत आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि शेष अभियुक्त की जमानत अर्जी भी शीघ्र दाखिल की जाएगी।


⚖️ कानूनी स्थिति स्पष्ट
यह उल्लेखनीय है कि जमानत दिया जाना आरोपों से बरी होना नहीं है। मामला अभी विचाराधीन है और अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के आधार पर लिया जाएगा।
निक्की हत्याकांड पहले से ही क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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