संघर्ष से शिखर तक की प्रेरक गाथा और उद्योग–प्रशासन समन्वय का नया अध्याय: IBA स्थापना दिवस बना ‘न्यू इंडस्ट्रियल विज़न’ का मंच

विशेष विस्तृत रिपोर्ट
संघर्ष से शिखर तक की प्रेरक गाथा और उद्योग–प्रशासन समन्वय का नया अध्याय: IBA स्थापना दिवस बना ‘न्यू इंडस्ट्रियल विज़न’ का मंथन


मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
इंडस्ट्रियल बिज़नेस एसोसिएशन (IBA) का स्थापना दिवस समारोह एवं IBA Industry Conclave 2026 इस वर्ष केवल एक औपचारिक वार्षिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह उद्योग जगत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साझा विज़न का एक सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गोल्डन ड्रीम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 400 से अधिक उद्योगपति, MSME उद्यमी, पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह का केंद्रीय आकर्षण रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा, जिनका प्रेरक संबोधन पूरे आयोजन की आत्मा बन गया।


संघर्ष की कहानी जिसने सभागार को भावुक कर दिया
डॉ. महेश शर्मा ने अपने जीवन की शुरुआती परिस्थितियों को साझा करते हुए कहा कि सफलता कभी अचानक नहीं मिलती—वह निरंतर परिश्रम, ईमानदारी और स्पष्ट लक्ष्य का परिणाम होती है।
उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके पास मेज-कुर्सी खरीदने तक के संसाधन नहीं थे। स्कूटर खरीदना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपनी सीमाएं नहीं बनने दिया।


मात्र 600 रुपये की पूंजी से शुरू हुआ सफर आज कैलाश हॉस्पिटल समूह के 11 अस्पतालों तक पहुंच चुका है, जहां लगभग 9,000 लोग कार्यरत हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“उद्यमिता का मतलब केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि समाज को वापस देना है। जो व्यक्ति रोजगार देता है, वही असली राष्ट्र निर्माता है।”
उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित युवा उद्यमियों और स्टार्टअप संचालकों में नई ऊर्जा का संचार किया।


ग्राहक संतुष्टि और गुणवत्ता: सफलता का मूल मंत्र
डॉ. शर्मा ने व्यवसाय में तीन मूलभूत स्तंभों पर जोर दिया:
ईमानदार नीयत
उच्च गुणवत्ता
ग्राहक संतुष्टि
उन्होंने कहा कि यदि व्यवसाय सेवा भावना से किया जाए तो वह लंबे समय तक टिकाऊ और सम्मानजनक बनता है। उन्होंने MSME क्षेत्र को भारत की आर्थिक रीढ़ बताते हुए कहा कि यही वर्ग देश की वास्तविक विकास गति तय करता है।


IBA: केवल संगठन नहीं, ‘इंडस्ट्री की आवाज’
IBA अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने अपने संबोधन में संस्था की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि IBA “The Voice of Industry” के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने बताया कि IBA का उद्देश्य है:
MSME और लघु उद्योगों को सशक्त मंच देना
तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन
उद्योगों की समस्याओं को प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना
निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना
उन्होंने गौतम बुद्ध नगर को देश का सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक मॉडल बनाने का संकल्प दोहराया।


उद्योग–प्रशासन साझेदारी का मजबूत संदेश
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने उद्योगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिस विभाग 24×7 सुरक्षा और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन तत्परता और आगामी पर्वों—महाशिवरात्रि, रमज़ान और होली—को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में उद्योग संगठनों और RWA से सहयोग की अपील की।
IBA द्वारा पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीम को प्रतीक चिह्न और सम्मान पत्र देकर सम्मानित करना, इस समन्वय की सशक्त मिसाल बना।


MSME प्रदर्शनी: स्थानीय नवाचार का प्रदर्शन
कार्यक्रम में MSME उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
इन स्टॉलों में स्थानीय निर्माण, तकनीकी समाधान, सेवा आधारित उत्पाद और स्टार्टअप नवाचार प्रदर्शित किए गए।
उपस्थित अतिथियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और संभावनाओं की सराहना की, जिससे स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिला।


संस्कृति, देशभक्ति और उत्सव का संगम
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। NGO “डांस आउट ऑफ पावर्टी” के बच्चों ने गणेश वंदना और वंदे मातरम की मनमोहक प्रस्तुति देकर माहौल को भावनात्मक और देशभक्ति से ओत-प्रोत बना दिया।
विशेष आकर्षण के रूप में LED स्क्रीन पर भारत–पाकिस्तान क्रिकेट मैच का लाइव प्रसारण किया गया। भारत की जीत के बाद उपस्थित उद्योगपतियों, अधिकारियों और अतिथियों ने मिठाई बांटकर और नृत्य कर जश्न मनाया।
यह दृश्य उद्योग जगत की सकारात्मक ऊर्जा, आपसी भाईचारे और सामूहिक भावना का प्रतीक बन गया।


महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर मंथन
समारोह के दौरान निम्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई:
औद्योगिक सुरक्षा और निगरानी तंत्र
बेहतर सड़क और बुनियादी ढांचा
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा
निवेश आकर्षण और निर्यात बढ़ोतरी
प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता
IBA ने इन मुद्दों पर निरंतर संवाद और ठोस कार्ययोजना बनाने का संकल्प लिया।


निष्कर्ष: औद्योगिक आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
IBA का स्थापना दिवस समारोह यह संदेश देकर संपन्न हुआ कि यदि उद्योग, प्रशासन और समाज एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें तो गौतम बुद्ध नगर न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
डॉ. महेश शर्मा की संघर्षगाथा, प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोगी रुख और IBA का स्पष्ट विज़न—इन तीनों ने मिलकर एक नई औद्योगिक चेतना का निर्माण किया।


“सशक्त उद्योग – समृद्ध भारत” का संकल्प केवल मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उपस्थित हर उद्यमी के मन में एक प्रेरणा बनकर स्थापित हुआ।
यह आयोजन उद्योग जगत के लिए एक नई दिशा, नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा।

Leave a Reply

Translate »