वैलेंटाइन डे पर अनोखी मिसाल: शादी की सालगिरह को बनाया 25 बेटियों के सपनों का उत्सव, 5 वर्षों में 108 कन्याओं का हुआ सामूहिक विवाह

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📰 वैलेंटाइन डे पर अनोखी मिसाल: शादी की सालगिरह को बनाया 25 बेटियों के सपनों का उत्सव, 5 वर्षों में 108 कन्याओं का हुआ सामूहिक विवाह


📍   मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
जहां 14 फरवरी को लोग वैलेंटाइन डे के रूप में प्रेम का उत्सव मनाते हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा में ओमप्रकाश अग्रवाल और पूनम अग्रवाल ने अपने वैवाहिक जीवन की वर्षगांठ को समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं के पर्व में बदल दिया। ओपॉ फ़ाउंडेशन, ग्रेटर नोएडा के तत्वावधान में साइट-4 स्थित डी-48 परिसर में 25 जरूरतमंद कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
यह आयोजन केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सहयोग और संवेदना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
🎉 बारात में उत्साह, परंपरा में गरिमा
कार्यक्रम संयोजक मनोज सिंघल ने बताया कि सभी 25 दूल्हों की बारात जय किसान खल भंडार, साइट-4 से घोड़ा-बग्गियों पर सवार होकर निकली। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ निकली इस भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह बारात का स्वागत किया। विवाह स्थल पर पहुंचने पर पूनम अग्रवाल एवं अन्य महिलाओं ने पारंपरिक तिलक लगाकर और आरती उतारकर सभी दूल्हों का स्वागत किया। भारतीय संस्कृति की परंपराएं पूरे समारोह में प्रमुख रूप से झलकती रहीं।
🪔 वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए विवाह संस्कार
विवाह समारोह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ। एक साथ 25 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और सात जन्मों के बंधन में बंधे। पूरा पंडाल “मंगलम भवतु” और शहनाई की मधुर ध्वनि से गूंज उठा।
परिजनों की आंखों में खुशी और संतोष के आंसू थे—क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा था।
🎁 गृहस्थी का संपूर्ण सामान, आत्मनिर्भरता का संदेश
सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी प्रारंभ करने के लिए आवश्यक सामग्री—फर्नीचर, बर्तन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि—भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। आयोजन का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि नवदंपतियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत के लिए सहयोग देना रहा।
ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि “बेटियां समाज की शक्ति हैं। उनका विवाह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।”


🌟 पूर्व राज्यपाल की उपस्थिति ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने अग्रवाल दंपति के इस निरंतर प्रयास की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय पहल बताया।
📊 पांच वर्षों की सेवा यात्रा: 108 बेटियों को मिला नया जीवन
यह आयोजन पिछले पांच वर्षों से लगातार अग्रवाल दंपति की वैवाहिक वर्षगांठ पर किया जा रहा है। अब तक कुल 108 कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जा चुका है।
हर वर्ष यह संख्या बढ़ रही है और समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग भी मिल रहा है।
इस पहल ने यह संदेश दिया है कि यदि समाज का हर सक्षम परिवार अपनी खुशियों का एक हिस्सा जरूरतमंदों के नाम कर दे, तो सामाजिक बदलाव की एक नई लहर पैदा हो सकती है।
👥 प्रमुख उपस्थितजन
कार्यक्रम में ओमप्रकाश अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, मनोज सिंघल, अनुज सिंघल, अमन अग्रवाल, क्रति अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, राशि अग्रवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


🎯 विशेष एंगल: “निजी उत्सव से सामाजिक उत्तरदायित्व तक”
यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचार है—कि व्यक्तिगत खुशी को समाज के साथ साझा किया जाए। जहां आमतौर पर वर्षगांठ निजी समारोहों तक सीमित रहती है, वहीं अग्रवाल दंपति ने इसे 25 परिवारों की खुशियों का कारण बना दिया।
वैलेंटाइन डे पर प्रेम का यह सबसे सशक्त संदेश रहा—
प्रेम केवल दो लोगों के बीच नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदना का भी नाम है।

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