
क्राइम रिपोर्टर / आगरा / नोएडा
उत्तर प्रदेश एसटीएफ (नोएडा यूनिट) और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना एत्मादपुर/एकता क्षेत्र में देर शाम हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश पवन उर्फ कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत की पुष्टि हुई है।
पुलिस के अनुसार, पवन उर्फ कल्लू कुख्यात रणदीप भाटी–अमित कसाना गैंग का सक्रिय शूटर था और दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी नेटवर्क खड़ा करने की फिराक में था। वह गाजियाबाद (लोनी/सिरौली क्षेत्र) का रहने वाला था और हत्या, फायरिंग व रंगदारी समेत करीब 18 आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ को बदमाश की लोकेशन की सूचना मिली थी। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में पवन घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौके से एक 9MM पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद पिस्टल वही सरकारी हथियार बताया जा रहा है, जो 2016 में गौतमबुद्ध नगर के थाना बिसरख क्षेत्र में कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटा गया था। पुलिस इस एंगल की भी गहन जांच कर रही है।
गैंग कनेक्शन और आपराधिक नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल में रहने के दौरान पवन हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग के संपर्क में आया था। वर्ष 2025 में जेल से बाहर आने के बाद वह एनसीआर में रंगदारी और वसूली का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में था।
रणदीप भाटी–अमित कसाना गैंग से उसकी सक्रिय भूमिका की भी पुष्टि हुई है। एसटीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी कामयाबी है।
जांच जारी, अभियान रहेगा तेज
मुठभेड़ के बाद पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और संगठित गैंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।