रोजेदार रखें सेहत का ध्यान, होली पर केमिकल रंगों से रहें सावधान: डॉ. कृष्णवीर सिंह मलिक

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रोजेदार रखें सेहत का ध्यान, होली पर केमिकल रंगों से रहें सावधान: डॉ. कृष्णवीर सिंह मलिक

मौहम्मद इल्यास “दनकौरी”/ गौतमबुद्धनगर
दनकौर। रमज़ान का पवित्र महीना आत्मिक शुद्धि, संयम और अनुशासन का संदेश देता है। रोज़ा केवल इबादत ही नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित रखने का भी एक माध्यम है। सही दिनचर्या और खानपान अपनाकर रोजेदार कई बीमारियों पर नियंत्रण पा सकते हैं। कृष्णा हॉस्पिटल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र, दनकौर के चेयरमैन डॉ. कृष्णवीर सिंह मलिक ने रोजेदारों की सेहत और होली के मद्देनज़र विशेष सावधानियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
🩺 रोजेदारों के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुझाव
डॉ. मलिक के अनुसार रोजेदारों को सेहरी और इफ्तार में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
सेहरी में प्रोटीन युक्त भोजन, फल और पर्याप्त पानी शामिल करें।
इफ्तार में हल्का और सुपाच्य भोजन लें, अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार खाने से बचें।
शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए इफ्तार से सेहरी तक 8–10 गिलास पानी पिएं।
मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या गर्भवती महिलाएं रोज़ा रखने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
पर्याप्त नींद और हल्का व्यायाम शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने बताया कि सही दिनचर्या अपनाने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है, मोटापा नियंत्रित रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
🎨 होली पर केमिकल रंगों से सावधान
इस वर्ष रमज़ान और होली का समय आसपास होने से डॉ. मलिक ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाजार में मिलने वाले कई केमिकल युक्त रंग त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक होते हैं।
केमिकल रंग एलर्जी, खुजली, आंखों में जलन और संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
अस्थमा या त्वचा रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
होली खेलते समय प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों का ही उपयोग करें।
रंग खेलने से पहले शरीर पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं, जिससे रंग का असर कम हो।
आंखों, मुंह और नाक को रंगों से बचाएं तथा बच्चों की विशेष देखभाल करें।
डॉ. मलिक ने कहा कि त्योहार खुशी और भाईचारे का प्रतीक हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से मनाना जरूरी है।
संयम और सावधानी से मनाएं पर्व
डॉ. कृष्णवीर सिंह मलिक ने संदेश दिया कि जागरूकता और संतुलित जीवनशैली अपनाकर रोज़ा और होली दोनों का आनंद सुरक्षित रूप से लिया जा सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ही त्योहारों की खुशियां दोगुनी होती हैं।
रिपोर्ट: मौहम्मद इल्यास “दनकौरी

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