सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में एफआईआर दर्ज, साइबर जांच तेज

स्पेशल न्यूज़ स्टोरी:- सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में एफआईआर दर्ज, साइबर जांच तेज

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा 
गौतमबुद्धनगर (कमिश्नरेट मध्य) के थाना सूरजपुर में सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में प्राथमिकी (FIR संख्या 0105/2026, दिनांक 22 फरवरी 2026, समय 18:54 बजे) दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
इस प्रकरण में शिकायतकर्ता गौतम बुद्ध नगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी (बोड़ाकी), एडवोकेट हैं। उन्होंने थाना सूरजपुर में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया है कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक प्रतिष्ठित परिवार एवं एक प्रमुख राजनीतिक दल के मुखिया के परिवार से जुड़ी सदस्य की कथित रूप से आपत्तिजनक/छेड़छाड़ की गई तस्वीर पोस्ट की गई।
शिकायत में कहा गया है कि उक्त पोस्ट के माध्यम से संबंधित परिवार की सामाजिक छवि धूमिल करने तथा उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का प्रयास किया गया। साथ ही पोस्ट पर अनेक आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने की भी बात कही गई है।


क्या बोले बार अध्यक्ष ?
बार अध्यक्ष मनोज भाटी (बोड़ाकी) ने ‘विजन लाइव’ से बातचीत में बताया कि इस मामले में पहले भी संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की सामग्री पोस्ट करना न केवल व्यक्तिगत गरिमा पर आघात है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय भी है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है।


किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
पुलिस अभिलेख के अनुसार, प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 151, 356, 356(3), 354 तथा आईटी एक्ट की धारा 66E और 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
धारा 66E (आईटी एक्ट): इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से गोपनीयता के उल्लंघन से संबंधित।
धारा 67 (आईटी एक्ट): अश्लील सामग्री के प्रकाशन/प्रसारण से संबंधित।
(धाराओं का अंतिम निर्धारण जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा।)


साइबर एंगल से जांच
एफआईआर में आरोपी अज्ञात बताया गया है। पुलिस साइबर सेल की सहायता से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जानकारी, आईपी एड्रेस, लॉगिन डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर रही है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
कानूनी परिप्रेक्ष्य
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की छवि से छेड़छाड़ कर उसे ऑनलाइन प्रसारित करना निजता के अधिकार (अनुच्छेद 21) तथा आईटी कानूनों का संभावित उल्लंघन है। दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
पुलिस का आधिकारिक रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तकनीकी और विधिक मानकों के अनुरूप की जा रही है। आरोपी की पहचान सुनिश्चित होने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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