

🔴 विशेष रिपोर्ट | शिक्षा, संस्कार और उत्कृष्टता का महाउत्सव
जीएनआईओटी रजत जयंती महाकुंभ: 25 वर्षों की तपस्या, उपलब्धि और राष्ट्र निर्माण का संकल्प

छह दिवसीय ऐतिहासिक समारोह में आध्यात्म, नेतृत्व, नवाचार और युवा ऊर्जा का अद्भुत संगम

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी” / ग्रेटर नोएडा
जब कोई शैक्षणिक संस्थान पच्चीस वर्ष पूरे करता है, तो वह केवल समय का पड़ाव नहीं होता—वह संघर्ष, समर्पण, दृष्टि और निरंतर उत्कृष्टता की गाथा होता है। जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने अपने स्थापना दिवस एवं रजत जयंती वर्ष को 12 से 18 फरवरी तक जिस भव्यता, गरिमा और व्यापक सामाजिक सहभागिता के साथ मनाया, उसने इसे एक ऐतिहासिक शैक्षिक उत्सव का स्वरूप दे दिया।
यह समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार, नवाचार, उद्योग–सहयोग और राष्ट्र निर्माण के सामूहिक संकल्प का विराट मंच बन गया।

🔶 छह दिनों तक उत्सव का विराट विस्तार
छह दिवसीय आयोजन में शैक्षणिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्रेरक गतिविधियों की श्रृंखला ने परिसर को उत्सवमय बनाए रखा।
राष्ट्रीय स्तर के अतिथियों के विचार
शोध एवं नवाचार पर विशेष सत्र
छात्र–फैकल्टी सम्मान समारोह
सांस्कृतिक संध्या
उद्योग–अकादमिक संवाद
लाइव म्यूजिक नाइट
हर दिन का कार्यक्रम एक नई ऊर्जा और नए संदेश के साथ आगे बढ़ता रहा।

🔶 आध्यात्मिक संदेश: शिक्षा का मूल है चरित्र
समारोह के अंतिम दिन परम पूज्य जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज का आगमन पूरे कार्यक्रम का आध्यात्मिक शिखर साबित हुआ।
उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा:
“यदि शिक्षा में संस्कार नहीं, तो वह अधूरी है। शिक्षा का अंतिम उद्देश्य व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाना है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करें।
उनका यह संदेश पूरे सभागार में गूंज उठा—
“ज्ञान, विनम्रता और राष्ट्रभक्ति—इन तीनों का संतुलन ही सच्ची शिक्षा है।”

🔶 राष्ट्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन
समारोह में उपस्थित केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने जीएनआईओटी की 25 वर्षों की उपलब्धियों को नई ऊँचाइयों का आधार बताया।

🔹 डॉ. राज भूषण चौधरी
उन्होंने जल संरक्षण और सतत विकास को भविष्य की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकते हैं।

🔹 डॉ. दिनेश शर्मा
उन्होंने कहा कि जीएनआईओटी ने शोध और गुणवत्ता शिक्षा के माध्यम से क्षेत्र में एक मानक स्थापित किया है। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए छात्रों को तैयार रहने का संदेश दिया।

🔹 अश्विनी कुमार चौबे
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय को शिक्षा का आदर्श मॉडल बताया।

🔹 डॉ. महेश शर्मा
उन्होंने कहा कि जीएनआईओटी ने गौतमबुद्धनगर को शैक्षणिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया है।

🔹 डॉ. नरेश बंसल
उन्होंने अनुशासन और सतत परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया।

🔹 सुरेश राणा
उन्होंने कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताया।
वीडियो संदेशों में उपमुख्यमंत्री बृजेश कुमार पाठक और केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने भी संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

🔶 प्रेरक यात्रा: एक दृष्टि से वैश्विक पहचान तक
संस्थान के चेयरमैन डॉ. राजेश गुप्ता ने 25 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे सीमित संसाधनों से शुरू हुआ संस्थान आज हजारों विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ रहा है।
उन्होंने कहा:
“हमने केवल डिग्री नहीं दी, बल्कि दिशा दी है।”
“हमारा लक्ष्य रोजगार योग्य नहीं, बल्कि नेतृत्व योग्य युवा तैयार करना है।”
उन्होंने अनुसंधान, इनोवेशन लैब, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल किया।

🔶 युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक समागम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बना दिया।
पारंपरिक नृत्य से लेकर आधुनिक फ्यूजन प्रस्तुति तक
देशभक्ति गीतों से लेकर समकालीन संगीत तक
नाट्य प्रस्तुति से लेकर वाद्य संगीत तक
हर प्रस्तुति ने यह सिद्ध किया कि जीएनआईओटी केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बहुआयामी प्रतिभाओं का मंच है।

🔶 जब संगीत बना उत्सव का चरम क्षण
प्रसिद्ध कलाकार लक्की जहरीला और राउल की लाइव प्रस्तुति ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
पूरा परिसर मोबाइल फ्लैशलाइट की रोशनी से जगमगा उठा।
विद्यार्थियों की तालियों और उत्साह ने समारोह को यादगार समापन दिया।

🔶 सम्मान: प्रतिभा और समर्पण का गौरव
फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
शैक्षणिक उत्कृष्टता
शोध योगदान
सांस्कृतिक उपलब्धि
प्रशासनिक समर्पण
यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि संस्थान की सामूहिक मेहनत की सार्वजनिक स्वीकृति थे।

🔶 व्यापक सामाजिक सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे एक सामाजिक–शैक्षिक सम्मेलन का रूप दे दिया।
शिक्षा, राजनीति, सामाजिक सेवा, युवा नेतृत्व और उद्योग जगत—सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला।

🌟 25 वर्षों का संदेश: भविष्य की ओर प्रस्थान
जीएनआईओटी की रजत जयंती ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह संस्थान केवल अतीत की उपलब्धियों पर नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित है।
डिजिटल परिवर्तन
उद्योग–अकादमिक साझेदारी
स्टार्टअप एवं इनोवेशन संस्कृति
वैश्विक शैक्षिक सहयोग
कौशल आधारित शिक्षा
इन सभी आयामों के साथ जीएनआईओटी आने वाले वर्षों में शिक्षा जगत में नई पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

✨ “विजन लाइव” का विश्लेषण
यह रजत जयंती समारोह केवल एक उत्सव नहीं था—
यह एक विचार था।
यह एक संकल्प था।
यह एक घोषणा थी कि शिक्षा जब संस्कार, समर्पण और उत्कृष्टता से जुड़ती है, तो वह पीढ़ियों का भविष्य गढ़ती है।
जीएनआईओटी की 25 वर्ष की यह यात्रा इतिहास बन चुकी है—और आने वाला समय इसकी नई स्वर्णिम कहानी लिखने को तैयार है।