
30 हजार वर्ग मीटर भूमि अतिक्रमण मुक्त, अधिग्रहित जमीन पर प्लॉटिंग की कोशिश नाकाम

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
नियोजित विकास और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार को अधिसूचित एवं अधिग्रहित गांव भनौता में बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए लगभग 30,000 वर्ग मीटर भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई के दौरान यह भी पाया गया कि करीब 8,000 वर्ग मीटर भूमि प्राधिकरण की अधिग्रहित एवं कब्जा प्राप्त जमीन है, जिसका मुआवजा पूर्व में ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ कालोनाइजर इस भूमि को अनधिकृत खसरा नंबर की जमीन बताकर बेचने और प्लॉटिंग करने का प्रयास कर रहे थे।

अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त प्रहार
महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि भनौता के खसरा नंबर 238 और 239 की जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बाउंड्री वॉल, कमरों की नींव और अन्य अस्थायी संरचनाएं तैयार की जा रही थीं। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी और बुल्डोजर की मदद से सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के स्पष्ट निर्देशों के तहत भूलेख विभाग और परियोजना विभाग (वर्क सर्किल-दो) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान के दौरान पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी और पुलिस बल मौजूद रहे, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से संपन्न हुई।
वर्क सर्किल-दो के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह, प्रबंधक रोहित गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने पूरे अभियान का संचालन किया।

जनहित में सख्त संदेश
एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना स्वीकृत नक्शे के किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः अवैध है और ऐसे मामलों में आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी भूमि या प्लॉट खरीदने से पूर्व प्राधिकरण के भूलेख विभाग से विधिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश कर अपनी गाढ़ी कमाई जोखिम में न डालें।

नियोजित विकास के प्रति प्रतिबद्धता
प्राधिकरण ने दोहराया है कि शहर में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। अधिग्रहित और अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या दोबारा निर्माण पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही, एफआईआर और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है, ताकि निवेशकों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।