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“रजत जयंती का ज्ञान महाकुंभ” – जीएनआईओटी में दो दिवसीय पुस्तक मेले ने बदला कैंपस का माहौल

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित फाउंडर्स डे एवं रजत जयंती समारोह के अंतर्गत दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि यह पूरे कैंपस के लिए “ज्ञान महाकुंभ” सिद्ध हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों के विस्तार के बावजूद पुस्तकों की प्रासंगिकता, विश्वसनीयता और बौद्धिक गहराई आज भी अक्षुण्ण है।
📖 ज्ञान, शोध और करियर मार्गदर्शन का संगम
यह पुस्तक मेला विद्यार्थियों के लिए करियर उन्मुख साहित्य, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री, उच्च स्तरीय शोध संदर्भ ग्रंथों तथा समसामयिक विषयों की पुस्तकों का एक सशक्त मंच बनकर उभरा।
इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी, कॉर्पोरेट लॉ, टैक्सेशन, ज्यूडिशियल सर्विसेज, यूपीएससी-पीसीएस, गेट, कैट, सीएलएटी जैसी परीक्षाओं से संबंधित नवीनतम संस्करणों ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
शोधार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की पब्लिकेशन एवं जर्नल रेफरेंस बुक्स भी उपलब्ध रहीं, जिससे अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में उन्हें नई दिशा मिली।
🏢 प्रतिष्ठित प्रकाशकों की प्रभावशाली उपस्थिति
TMH, PEARSON, WILEY, CENGAGE, LEXIS-NEXIS, TAXMANN, MADE EASY, KHANNA, CBS, HIMALAYA, NEW AGE, GITA PRESS सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों ने अपने नवीनतम प्रकाशनों का प्रदर्शन किया।
कई प्रकाशकों ने छात्रों से सीधे संवाद कर उन्हें पुस्तक चयन, पाठ्य सामग्री की उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर मार्गदर्शन भी दिया।

🎓 छात्रों में दिखा उत्साह, “बुक्स सेल्फी ज़ोन” बना आकर्षण
मेले में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कई छात्रों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों के साथ ‘बुक्स सेल्फी ज़ोन’ पर तस्वीरें साझा कर सोशल मीडिया पर #GNIOTBookFair ट्रेंड भी किया।
संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से परे भी पढ़ने के लिए प्रेरित किया और कई विभागों ने सामूहिक रूप से आवश्यक पुस्तकों की सूची तैयार कर पुस्तकालय के लिए अनुशंसा की।
📚 “पठन संस्कृति का पुनर्जागरण” – एस.डी. नौटियाल
ग्रुप के हैड लाइब्रेरियन एस.डी. नौटियाल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल पुस्तकों की बिक्री नहीं, बल्कि पठन संस्कृति का पुनर्जागरण है।
उन्होंने कहा,
“आज के डिजिटल युग में सूचना तुरंत मिल जाती है, परंतु गहन अध्ययन, विश्लेषणात्मक सोच और विषय की व्यापक समझ के लिए पुस्तकों का अध्ययन अनिवार्य है। यह मेला विद्यार्थियों को पुस्तकालय से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना है।”
🏛️ प्रबंधन का विजन: शिक्षा से व्यक्तित्व निर्माण तक
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जीएनआईओटी हमेशा से शिक्षा को समग्र विकास से जोड़कर देखता आया है।
उन्होंने कहा कि “किताबें केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना के विकास का आधार हैं।”
वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता ने कहा कि रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह पुस्तक मेला संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित करती है।
👥 गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जीआईएमएस के सीईओ, विभिन्न संस्थानों के निदेशकगण, ग्रुप रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं भविष्य उन्मुख पहल बताया।

🌟 निष्कर्ष: रजत जयंती का सार्थक संदेश
दो दिवसीय यह पुस्तक मेला यह साबित करने में सफल रहा कि बदलते समय में भी किताबें केवल कागज़ के पन्ने नहीं, बल्कि विचारों की शक्ति, शोध की गहराई और भविष्य निर्माण का आधार हैं।
रजत जयंती वर्ष में जीएनआईओटी का यह प्रयास शिक्षा जगत को यह संदेश देता है कि यदि संस्थान ठान लें, तो पठन संस्कृति को नई ऊर्जा और नई दिशा दी जा सकती है।
ज्ञान का यह उत्सव आने वाले वर्षों में भी विद्यार्थियों के मन में पढ़ने की प्रेरणा और बौद्धिक जिज्ञासा की लौ जलाता रहेगा।