रोजगार महोत्सव 2026: विश्वेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डॉ. खुशबू सिंह ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का मंत्र

रोजगार महोत्सव 2026: विश्वेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डॉ. खुशबू सिंह का जोशीला एवं प्रेरक संबोधन, युवाओं को दिया आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का मंत्र


मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ दादरी (गौतमबुद्धनगर)

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विश्वेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (अपकमिंग विश्वेश्वरैया यूनिवर्सिटी) में 12 फरवरी 2026 को “रोजगार महोत्सव 2026” के तहत आयोजित करियर ओरिएंटेशन सत्र में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। “सशक्त युवा, समृद्ध भारत” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला सेवायोजन कार्यालय, गौतम बुद्ध नगर एवं संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का केंद्रबिंदु रहा डॉ. खुशबू सिंह (संस्थापक एवं सीईओ – आर्या फैशंस, उपाध्यक्ष – इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन) का विस्तृत और ऊर्जावान मोटिवेशनल स्पीच, जिसने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।
डॉ. सिंह ने अपने संबोधन की शुरुआत इस विचार से की कि “हर युवा अपने भीतर असीम संभावनाएँ लेकर जन्म लेता है, जरूरत है उन्हें पहचानने और सही दिशा देने की।” उन्होंने अपने उद्यमी जीवन की संघर्षपूर्ण यात्रा साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में संसाधनों की कमी, प्रतिस्पर्धा और असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन आत्मविश्वास, निरंतर सीखने की ललक और सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति दी।
उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहे, बल्कि समस्या समाधानकर्ता बने। “जहाँ समस्या है, वहीं अवसर छिपा है,” इस संदेश के साथ उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।


डॉ. सिंह ने विशेष रूप से कौशल विकास (Skill Development) पर जोर देते हुए कहा कि डिग्री महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है व्यावहारिक ज्ञान, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और समय प्रबंधन। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट्स और डिजिटल स्किल्स पर भी ध्यान दें, क्योंकि यही उन्हें उद्योग जगत में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि “नारी केवल प्रेरणा नहीं, परिवर्तन की शक्ति है।” उन्होंने महिला उद्यमिता के बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज समाज और सरकार दोनों ही महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएँ चला रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। उन्होंने असफलता को सफलता की सीढ़ी बताते हुए कहा, “अगर आप कभी असफल नहीं हुए, तो इसका मतलब है कि आपने कभी कुछ नया करने का प्रयास ही नहीं किया।” उनके इस कथन पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।


डॉ. सिंह ने युवाओं को पाँच मूल मंत्र भी दिए:
स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें।
निरंतर सीखते रहें।
सकारात्मक सोच बनाए रखें।
जोखिम लेने से न डरें।
समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने कहा कि सच्चा उद्यमी वही है जो केवल लाभ कमाने के बारे में न सोचे, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दे।
इस अवसर पर डॉ. तक्ष कुमार (एजीएम – वीवो मोबाइल इंडिया प्रा. लि.) ने कॉर्पोरेट जगत की आवश्यकताओं, तकनीकी दक्षता और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया

डॉ. खुशबू सिंह का प्रेरक भाषण युवाओं के लिए न केवल करियर मार्गदर्शन बल्कि जीवन प्रबंधन का भी सशक्त संदेश बनकर उभरा। यह सत्र वास्तव में युवाओं को आत्मनिर्भर और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने वाला सिद्ध हुआ।

Leave a Reply

Translate »