
**🔴 5 हथियार सप्लायर गिरफ्तार — मथुरा से चल रहा था अवैध कारतूसों का खेल**

मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ गौतमबुद्धनगर
गौतमबुद्धनगर के दनकौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो न सिर्फ नोएडा–ग्रेटर नोएडा, बल्कि पूरे एनसीआर में अवैध पिस्टल और कारतूस की सप्लाई करता था।
यह कोई छोटी तस्करी नहीं—बल्कि आर्म्स तस्करी के एक व्यवस्थित नेटवर्क का खुलासा है, जिसका कनेक्शन सीधे मथुरा के अवैध हथियार सप्लायरों से जुड़ा हुआ बताया गया है।
🔹 ऑपरेशन की शुरुआत — एक गुप्त सूचना, और फिर…
28 नवंबर की शाम दनकौर पुलिस को एक भरोसेमंद मुखबिर की सूचना मिली कि—
“बुढ़िया गोलचक्कर के पास सुनसान इलाके में बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो और एक नीली बलेनो खड़ी है, और उसमें बैठे लोग किसी बड़ी डील का इंतजार कर रहे हैं।”
सूचना यह भी थी कि ये वाहन हथियारों की बड़ी सप्लाई लेकर आए हैं और अंधेरा होने पर सौदा होने वाला है।
सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई।
टीम ने इलाके की घेराबंदी की, और निर्माणाधीन जेपी प्रोजेक्ट की ओर जैसे ही बढ़ी—दोनों गाड़ियाँ दिखाई दीं।
पुलिस ने रुकने का इशारा किया।
गाड़ियों में बैठे लोग अचानक घबराए, भागने की कोशिश की—but बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस ने दोनों कारों को ब्लॉक कर 5 आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
🔹 क्या मिला? — इतना हथियार कि कई वारदातें हो सकती थीं
पुलिस ने दोनों गाड़ियों की तलाशी ली, और जो बरामद हुआ वह चौंकाने वाला था—
🔸 हथियार
- 03 पिस्टल (.32 बोर) – फुल फिनिश्ड, रेडी-टू-यूज
- 03 तमंचे (.315 बोर)
🔸 कारतूस
- 160 जिंदा कारतूस – .32 बोर
- 06 जिंदा कारतूस – .315 बोर
🔸 कैश
- 50,000 रुपये नकद
(तस्करी के पिछले सौदों से कमाया गया पैसा)
🔸 वाहन
- काली स्कॉर्पियो (बिना नंबर)
- नीली बलेनो UP16 FD 9705
यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि गैंग कई छोटी-बड़ी वारदातों के लिए असलाह सप्लाई कर रहा था—
- झगड़े-फसाद
- गैंगवार
- आपसी रंजिश
- संपत्ति विवाद
- रंगदारी
इन सभी को हथियार पहुँचाना इस गैंग का प्रमुख कारोबार था।
🔹 पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा — हथियारों का रास्ता कहाँ से शुरू होता था?
पांचों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि—
- वे मथुरा के रहने वाले “बंटू” नामक बड़े सप्लायर से अवैध हथियार व कारतूस खरीदते हैं।
- बंटू उन्हें मंडी चौराहा मथुरा स्थित एक आर्म्स एंड एम्युनिशन की दुकान से कारतूस दिलवाता है।
- यह दुकान असल में कानूनी है, लेकिन बंटू इसकी आड़ में ब्लैक में कारतूस सप्लाई कराता था।
- हथियारों को गैंग कम दामों में खरीदकर दोगुने–तीन गुने दाम पर बेच देता था।
ये अपराधी इस धंधे से लाखों रुपये कमा चुके हैं, जिसे वे—
- मौज–मस्ती
- शराब
- गाड़ियों
- महंगे मोबाइल
- लाइफस्टाइल
पर खर्च करते थे।
पुलिस अब मथुरा स्थित दुकान पर भी जांच कर रही है—क्या यह सच में सिर्फ बंटू करता था, या कोई बड़ा रैकेट शामिल है?
🔹 गिरफ्त में आए आरोपी — ज्यादातर पुराने अपराधी
गिरफ्तार 5 में से 4 के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।
विशेष रूप से गजेन्द्र और सुमित उर्फ गुंडा बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं।
इन पर हत्या (302), हत्या का प्रयास (307), गुण्डा एक्ट, आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप पहले से चल रहे हैं।
यह गैंग हथियारों को—
- दादरी
- कासना
- नॉलेज पार्क
- दनकौर
- ईकोटेक
के अलग-अलग ग्राहकों तक पहुँचाता था।

🔹 डीसीपी साद मियां खान का बड़ा बयान — “ये नेटवर्क और बड़ा है”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीसीपी ने कहा—
- पुलिस लंबे समय से इस गैंग पर नजर रखे हुए थी।
- सप्लाई चेन कई जिलों में फैली है।
- मथुरा वाले नेटवर्क को तोड़ना अब प्राथमिकता है।
- फरार सप्लायर बंटू की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हो चुकी है।
- आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
डीसीपी ने यह भी संकेत दिया कि हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में होने वाला था, जिसे समय रहते रोक दिया गया।
🔹 क्यों यह ऑपरेशन बेहद अहम है?
- नोएडा–ग्रेटर नोएडा में अवैध असलाह की सबसे बड़ी सप्लाई लाइन कट गई।
- मथुरा से कारतूस की अवैध बिक्री का खुलासा हुआ।
- एक ही जगह से दर्जनों पिस्टल–तमंचों की सप्लाई रोकी गई।
- इतिहासशुदा गैंग के मुख्य लोग पकड़े गए।
- आने वाले त्योहारों, आयोजनों, VIP मूवमेंट में सुरक्षा मजबूत हुई।

🔹 आगे क्या? — कई कड़ियाँ अब भी बाकी
पुलिस अब इन बिंदुओं पर जांच कर रही है—
- हथियार कहाँ से बनकर आते थे? किस फैक्ट्री या गिरोह से सप्लाई होती थी?
- मथुरा के किस आर्म्स डीलर का हाथ है?
- क्या गैंग का कनेक्शन बाहरी राज्यों—मप्र, यूपी के हथियार माफियाओं से है?
- इन हथियारों को किन अपराधियों को बेचा गया है?
- हथियारों का इस्तेमाल किन-किन वारदातों में हुआ?
जल्द ही पुलिस और गिरफ्तारी कर सकती है।