25 वर्षों की विश्वास यात्रा: जीएनआईओटी की सिल्वर जुबली बनी ‘न्यू एज एजुकेशन मॉडल’ का राष्ट्रीय संदेश

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25 वर्षों की विश्वास यात्रा: जीएनआईओटी की सिल्वर जुबली बनी ‘न्यू एज एजुकेशन मॉडल’ का राष्ट्रीय संदेश


मौहम्मद इल्यास- “दनकौरी”/ ग्रेटर नोएडा
जब कोई शैक्षणिक संस्थान 25 वर्षों की सफल यात्रा पूरी करता है, तो वह केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं मनाता, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय करता है। जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने 13 फरवरी 2026 को अपने फाउंडर्स डे एवं सिल्वर जुबली समारोह की शुरुआत जिस भव्यता और दूरदृष्टि के साथ की, वह स्पष्ट संकेत देता है कि यह संस्थान अब “पारंपरिक शिक्षा” से आगे बढ़कर “न्यू एज एजुकेशन मॉडल” की ओर अग्रसर है।
यह आयोजन शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा, शोध, तकनीकी नवाचार और मानवीय मूल्यों का ऐसा समन्वित मंच बना, जिसने संस्थान की 25 वर्षों की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर दिया।


🏃‍♀️ Run for Education: शिक्षा के साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य का संदेश
सिल्वर जुबली समारोह की शुरुआत “Run for Education Towards a Sustainable Future” से हुई। सुबह के उत्साहपूर्ण माहौल में हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन प्रतिनिधियों की एकजुट भागीदारी ने परिसर को ऊर्जा से भर दिया।
यह दौड़ केवल शारीरिक फिटनेस का कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि “सतत भविष्य” के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनी। पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक एकजुटता का संदेश इस आयोजन के माध्यम से दिया गया।
मुख्य अतिथि निर्मल तंवर भाटी, भारतीय महिला राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान, ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा:
“खेल और शिक्षा जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जो व्यक्तित्व को संतुलित बनाते हैं। अनुशासन, फिटनेस और टीमवर्क के बिना न तो मैदान में सफलता मिलती है और न ही जीवन में।”
उनकी प्रेरक उपस्थिति ने छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार किया।


🩸 विशाल रक्तदान शिविर: ‘युवा शक्ति’ का मानवीय चेहरा
जीएनआईओटी ने रोटरी ब्लड बैंक के सहयोग से विशाल रक्तदान शिविर आयोजित कर यह संदेश दिया कि शिक्षा का असली उद्देश्य समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से 200 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
चिकित्सकों की टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए शिविर को सफल बनाया।
यह पहल यह दर्शाती है कि जीएनआईओटी के विद्यार्थी केवल करियर उन्मुख नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने वाले नागरिक भी हैं।
रक्तदान शिविर युवाओं द्वारा संचालित सेवा भावना का ऐसा उदाहरण बना, जिसने अनेक जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण जगाने का कार्य किया।


📚 भव्य पुस्तक मेला: ज्ञान, शोध और प्रतिस्पर्धा की तैयारी का केंद्र
सिल्वर जुबली समारोह के अंतर्गत आयोजित पुस्तक मेला शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। 20 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों—
McGraw Hill, Wiley, Cengage, Pearson, Taxman, Himalaya Publishing House—की सहभागिता ने इसे ज्ञान का उत्सव बना दिया।
छात्रों को नवीनतम पाठ्यपुस्तकों, शोध जर्नल्स, प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री, प्रबंधन एवं तकनीकी साहित्य तक प्रत्यक्ष पहुंच मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन परिसर में “पठन संस्कृति” को मजबूत करते हैं और छात्रों को डिजिटल युग में भी पुस्तक आधारित अध्ययन की ओर प्रेरित करते हैं।
यह पुस्तक मेला केवल खरीद-बिक्री का मंच नहीं, बल्कि शैक्षणिक विमर्श और शोध अभिरुचि को बढ़ावा देने का माध्यम बना।


🚁 एरोमेनिया: ड्रोन तकनीक से भविष्य की उड़ान
इंटरकॉलेज ड्रोन फ्लाइंग प्रतियोगिता “एरोमेनिया” ने समारोह में तकनीकी उत्कृष्टता का नया आयाम जोड़ा।
प्रतिभागियों ने ड्रोन डिजाइनिंग, प्रोग्रामिंग, नेविगेशन और सटीक उड़ान कौशल का प्रदर्शन किया।
यह प्रतियोगिता “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसे राष्ट्रीय अभियानों की भावना को भी प्रतिबिंबित करती है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक कृषि, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर ही इस तकनीक से जोड़ना भविष्य की तैयारी है।
एरोमेनिया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जीएनआईओटी केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि प्रयोगात्मक और उद्योग-उन्मुख शिक्षा पर भी समान जोर देता है।


👮‍♂️ सुरक्षा और अनुशासन: पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान
इतने बड़े स्तर के आयोजन में पुलिस प्रशासन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और समन्वय के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
संस्थान ने प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।


🎓 25 वर्षों की यात्रा: उपलब्धियां और भविष्य की दिशा
जीएनआईओटी की 25 वर्ष की यात्रा में हजारों छात्र देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।
इंजीनियरिंग, प्रबंधन, फार्मेसी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में संस्थान ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
सिल्वर जुबली समारोह का प्रथम दिवस इस बात का प्रमाण बना कि जीएनआईओटी अब “केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान” नहीं, बल्कि “समग्र व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र” बन चुका है।


🌍 विशेष एंगल: शिक्षा का नया सामाजिक मॉडल
इस पूरे आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि आधुनिक शिक्षा संस्थान को चार स्तंभों पर खड़ा होना चाहिए:
शैक्षणिक उत्कृष्टता
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य
सामाजिक उत्तरदायित्व
तकनीकी नवाचार
जीएनआईओटी की सिल्वर जुबली का उद्घाटन इन चारों स्तंभों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।


“विजन लाइव” का विश्लेषण
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की सिल्वर जुबली केवल एक संस्थागत समारोह नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की शैक्षणिक दिशा का संकेत है।
यह आयोजन बताता है कि जब शिक्षा के साथ सेवा, खेल और नवाचार जुड़ते हैं, तो वह राष्ट्र निर्माण की ठोस नींव तैयार करते हैं।
आने वाले दिनों में प्रस्तावित शैक्षणिक, सांस्कृतिक और तकनीकी कार्यक्रम निश्चित रूप से इस 25 वर्षीय गौरवगाथा को और भी सशक्त बनाएंगे।

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